न्यूज़ वाणी ब्यूरो शाहजहांपुर | रुखसार खान
शाहजहांपुर। किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (परिवर्तनवादी) ने प्रशासन के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन ने पूर्व में सौंपे गए 16 सूत्रीय मांग पत्र पर कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 27 अक्टूबर से कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
सोमवार को संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने प्रशासन को अल्टीमेटम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि 9 अक्टूबर को किसानों की समस्याओं को लेकर 16 सूत्रीय मांग पत्र दिया गया था। इसमें गन्ना, मटर, बिजली, राशन वितरण, स्वास्थ्य सेवाओं, पुलिस उत्पीड़न और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे शामिल थे। संगठन का आरोप है कि ज्ञापन सौंपे जाने के दस दिन बाद भी संबंधित विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
विभागों पर समस्याओं की अनदेखी का आरोप
महेंद्र सिंह यादव ने आरोप लगाया कि संबंधित विभागों ने न तो समस्याओं की प्रभावी स्थलीय जांच कराई और न ही किसानों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा कि राजस्व, पुलिस और बिजली विभाग से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण किसानों में नाराजगी बढ़ रही है। संगठन अब इन मुद्दों को लेकर निर्णायक संघर्ष करने के लिए तैयार है।
27 अक्टूबर से शुरू होगा अनिश्चितकालीन धरना
किसान यूनियन ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि सात दिन के भीतर मांगों का निस्तारण किया जाए। यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 27 अक्टूबर से कलेक्ट्रेट परिसर में बड़ा धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखा जा सकता है।
इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों से शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के दौरान रामकुमार गौतम, रमेश चंद्र गुप्ता, बृजमोहन गौतम, मुकुट बिहारी यादव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन की ओर से मांगों पर की जाने वाली कार्रवाई के आधार पर आंदोलन की आगे की स्थिति तय होगी।
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