गाजियाबाद: शादी के मौसम में गाजियाबाद में साइबर ठगी का एक नया और सनसनीखेज मामला सामने आया है. 42 साल के एक पीएचडी स्कॉलर के साथ साइबर ठगों ने बड़ा खेल कर दिया. राकेश कुमार (नाम बदला हुआ) ने दुल्हन पाने के लिए एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर अपना बायोडाटा डाला. वेबसाइट पर बायोडाटा डालना ही उनके लिए महंगा पड़ गया. ठगों ने उन्हें प्यार के जाल में फंसाया और फिर फॉरेक्स ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर उनके 49 लाख रुपये हड़प लिए.
42 साल के एक पीएचडी शोधकर्ता ने दुल्हन की तलाश में मैट्रिमोनियल साइट पर एक महिला से मुलाकात की. महिला ने बताया कि उसका परिवार रियल एस्टेट का बिजनेस करता है, जो दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा में भी फैला हुआ है. दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई और शादी भी तय हो गई. इस बीच, महिला ने उनसे कहा कि रियल एस्टेट बिजनेस में कुछ पैसा लगाओ, जो कि हाई प्रोफिट वाला काम है, जिसे फॉरेक्स ट्रेडिंग कहते हैं. महिला ने व्हाट्सएप के जरिए उन्हें एक लिंक भेजा और उस पर रजिस्ट्रेशन करने के लिए कहा.
पीएचडी स्कॉलर से शादी के नाम पर ठगी
लिंक पर क्लिक करने के बाद उन्हें कम से कम 250 अमेरिकी डॉलर जमा कराने थे, लेकिन महिला के कहने पर उन्होंने 500 अमेरिकी डॉलर जमा करा दिए. इस दौरान साइबर ठगों ने उनका एक वर्चुअल प्रोफिट वॉलेट तैयार कर उसमें मुनाफा दिखा दिया. इस दौरान उन्होंने 10 ट्रांजेक्शन में 49 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए. जब उन्होंने अपना मुनाफा निकालना चाहा तो वह असफल रहे. फिर उनसे प्रोसेसिंग फीस और टैक्स के नाम पर और रकम मांगी गई, तब उन्हें समझ में आया कि उनके साथ साइबर ठगी हुई है.
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर एक फर्जी प्रोफाइल बनाकर स्कॉलर से संपर्क किया गया. महिला की प्रोफाइल ने उन्हें शादी के लिए लुभाया. कई दिनों तक भावनात्मक बातें करके ठगों ने उनका विश्वास जीता. एक बार संबंध बनने के बाद, ठगों ने पैसे और मुनाफे की बात शुरू कर दी. उन्हें फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश करने और कम समय में करोड़पति बनने का सपना दिखाया. लोग ऐसे जालसाजों के शिकार बन जाते हैं. इससे बचने के लिए ऑनलाइन डेटिंग या मैट्रिमोनियल साइट पर मिले किसी भी व्यक्ति के कहने पर कभी भी किसी निवेश पोर्टल में पैसे न लगाएं. मुनाफे के अवास्तविक वादे हमेशा संदेहजनक होते हैं. व्यक्ति से मिलने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी जुटाएं.
सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच करें और यदि संभव हो तो वीडियो कॉल पर बात करें. यदि कोई व्यक्ति हमेशा मिलने से बचता है तो यह संदेहजनक है. मैट्रिमोनियल साइट पर मिले किसी भी व्यक्ति को कभी भी सीधे पैसे न भेजें, भले ही वह किसी आपातकालीन स्थिति का बहाना बनाए. अपनी वित्तीय जानकारी, बैंक विवरण या व्यक्तिगत दस्तावेज ऑनलाइन पहचान वाले किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और बैंक खातों के विवरण के आधार पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह की तलाश शुरू कर दी है.
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