अमेरिका ने कहा कि हमने ईरान के गोरुक और केश्म द्वीप पर रडार और ड्रोन कंट्रोल साइट्स को निशाना बनाया। यह हमला आत्मरक्षा में किया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया है कि यह कार्रवाई ईरान की आक्रामक गतिविधियों के जवाब में की गई। अमेरिका ने आरोप लगाया कि ईरान ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक अमेरिकी MQ1 ड्रोन को गिराया था। CENTCOM के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और दो ड्रोन को नष्ट किया।
अमेरिका का दावा है कि ये ड्रोन क्षेत्रीय समुद्री रास्तों से गुजर रहे जहाजों के लिए सीधा खतरा बन रहे थे। दूसरी तरफ, ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि हमने उस एयरबेस को निशाना बनाया, जिसका इस्तेमाल सीरिक द्वीप के पास अमेरिकी ऑपरेशन में हुआ था। IRGC का कहना है कि ये हमला सीरिक द्वीप पर टेलीकॉम टावर पर हुए अमेरिकी हमले के जवाब में किया गया। हालांकि, ईरान ने उस एयरबेस की लोकेशन नहीं बताई।
वहीं, ‘ईरान इंटरनेशनल’ की रिपोर्ट में दावा किया गया कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने इस्तीफा दे दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक पजशकियान ने आरोप लगाया कि देश की सत्ता पर अब पूरी तरह IRGC के कमांडरों का कंट्रोल में है। हालांकि, प्रेसिडेंट कार्यालय के संचार और सूचना प्रसार विभाग के डिप्टी चीफ सैयद मेहदी तबातबाई ने इस दावे को अफवाह बताते हुए खारिज कर दिया।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…
- ब्यूफोर्ट किले पर इजराइल का कब्जा: इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में 900 साल पुराने ब्यूफोर्ट किले और आसपास की पहाड़ियों पर कब्जा कर लिया। यह पिछले 26 साल में इजराइल की लेबनान में सबसे बड़ी घुसपैठ है।
- इमरजेंसी मीटिंग बुलाने की मांग: फ्रांस ने लेबनान में इजराइल की बढ़ती सैन्य कार्रवाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की है।
- ट्रम्प बोले- ईरानी सेना के खिलाफ सख्त एक्शन नहीं: ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका ने ईरानी सेना पर उतनी सख्त कार्रवाई नहीं की, जितनी वह दूसरे देशों की सेनाओं के खिलाफ करता रहा है।
- ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं: ईरान ने कहा है कि जब तक यह भरोसा नहीं हो जाता कि उसके अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं, तब तक अमेरिका के साथ किसी भी समझौते को मंजूरी नहीं दी जाएगी।
- अमेरिका ने ईरान जा रहे जहाज को रोका: अमेरिका ने ईरान की ओर जा रहे एक और मालवाहक जहाज को रोक दिया। 17 अप्रैल से अब तक अमेरिका 6 जहाजों को ईरान जाने से रोक चुका है।
News Wani
