रोम। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी इस साल संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की हाई लेवल बैठक में शामिल नहीं होंगी। मेलोनी ने न्यूयॉर्क नहीं जाने की वजह अपने व्यस्त कार्यक्रम को बताया है। उनकी जगह इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी संयुक्त राष्ट्र महासभा में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
मेलोनी के इस फैसले के साथ करीब 15 साल बाद ऐसा होगा, जब इटली का प्रधानमंत्री UNGA की सालाना हाई लेवल बैठक में मौजूद नहीं रहेगा। उनके न्यूयॉर्क नहीं पहुंचने से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी संभावित आमने-सामने मुलाकात भी नहीं हो पाएगी।
ट्रंप और मेलोनी के बीच पहले भी सामने आ चुके हैं मतभेद
मेलोनी और ट्रंप के संबंधों में पिछले कुछ समय में कई मुद्दों पर मतभेद सामने आए हैं। जून 2026 में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच विवाद की स्थिति बनी थी। ट्रंप ने एक बयान में कहा था कि मेलोनी उनके साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए काफी उत्सुक थीं। इसके जवाब में मेलोनी ने कहा था कि उन्हें किसी चीज के लिए गिड़गिड़ाने की जरूरत नहीं है।
G7 बैठक के दौरान दोनों नेता कई मौकों पर साथ दिखाई दिए थे और उनके बीच बातचीत भी हुई थी। इससे दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार के संकेत माने गए थे, लेकिन बाद के बयानों से मतभेद फिर चर्चा में आ गए।
ईरान के मुद्दे पर भी अलग रहा दोनों का रुख
ईरान को लेकर अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के मुद्दे पर भी मेलोनी और ट्रंप के विचार पूरी तरह एक जैसे नहीं रहे। मेलोनी ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का खुलकर समर्थन नहीं किया था। इसके बाद ट्रंप ने सार्वजनिक तौर पर उनके रुख पर असहमति जताई थी।
इसके बावजूद अमेरिका और इटली के बीच सुरक्षा सहयोग जारी है। इटली NATO का सदस्य है और देश में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। एवियानो, नेपल्स, विसेंजा और सिसिली में अमेरिका के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।
कभी ट्रंप की करीबी सहयोगी मानी जाती थीं मेलोनी
मेलोनी को लंबे समय तक ट्रंप की यूरोपीय सहयोगियों में प्रमुख माना जाता रहा है। जनवरी 2025 में ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाली वह यूरोप की प्रमुख नेताओं में थीं। उन्हें अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच संवाद कायम रखने वाली नेता के तौर पर भी देखा जाता रहा है।
हालांकि, ईरान और यूरोप-अमेरिका संबंधों से जुड़े कई मुद्दों पर दोनों के बीच मतभेद सामने आए हैं। पोप लियो की ओर से ईरान युद्ध रोकने की अपील के मुद्दे पर भी ट्रंप और मेलोनी के अलग-अलग रुख सामने आए थे।
UN महासभा में कई बड़े नेता नहीं होंगे मौजूद
इस साल संयुक्त राष्ट्र महासभा की हाई लेवल बैठक में कई प्रमुख देशों के शीर्ष नेता व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो रहे हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी बैठक में मौजूद नहीं हैं।
करीब 130 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख इस बार UNGA की हाई लेवल बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर महासभा में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। रूस की ओर से विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और चीन की ओर से उपराष्ट्रपति प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
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