वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. के.के. पांडेय सम्मानित, रेड क्रॉस सोसाइटी ने चिकित्सकों को भेंट किए पल्स ऑक्सीमीटर
फतेहपुर। 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर बुधवार को जिले में एकीकृत स्वास्थ्य सम्मेलन एवं ‘रन फॉर आयुर्वेद’ जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव के निर्देश एवं जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी तथा जिला होम्योपैथिक अधिकारी के संयुक्त निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में आयुर्वेद को दैनिक जीवनशैली में अपनाकर स्वस्थ रहने का संदेश दिया गया।

जिला होम्योपैथिक अधिकारी कार्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम से पहले ‘रन फॉर आयुर्वेद’ जनजागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से लोगों को आयुर्वेद के महत्व और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. रईस अहमद सिद्दीकी एवं डॉ. अंबरीश चंद्रा ने फीता काटकर किया। इसके बाद दीप प्रज्वलित कर आयुर्वेद के प्रवर्तक भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में रेड क्रॉस सोसाइटी फतेहपुर के चेयरमैन डॉ. अनुराग श्रीवास्तव उपस्थित रहे। रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से प्रतिभागी चिकित्सकों को पल्स ऑक्सीमीटर उपहार स्वरूप प्रदान किए गए। शहर के वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. अमित मिश्रा (एमएस) एवं डॉ. अरविंद गुप्ता (एमएस) की भी विशेष उपस्थिति रही। वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. के.के. पांडेय को आयुर्वेद के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. रंजीत सिंह, डॉ. विजय प्रताप, डॉ. आशीष शर्मा, डॉ. राकेश सिंह, डॉ. अनिल अग्रहरि, डॉ. विनोद अग्रहरि सहित आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सालयों में कार्यरत चिकित्सकों ने प्रतिभाग किया। इनमें नोडल अधिकारी डॉ. मनोज वर्मा, डॉ. अजय कुमार, मंच संचालक डॉ. ज्योति शुक्ला, डॉ. राजेश कुमार वर्मा, डॉ. सुजीत सागर, डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. चित्यानन्द तिवारी, डॉ. सौरभ सिसौदिया, डॉ. शची वर्मा, डॉ. आराधना स्वीट, डॉ. गुरु प्रताप सोनकर, डॉ. धर्मेंद्र मौर्या, डॉ. निधि बाजपेई, डॉ. मो. मुईन अख्तर एवं डॉ. आकांक्षा तिवारी शामिल रहे। इसके अलावा फार्मासिस्ट, योग प्रशिक्षक, गणमान्य नागरिक एवं आमजन मौजूद रहे। विशिष्ट अतिथियों को आयुर्वेदिक विभाग की ओर से बैज एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. रईस अहमद सिद्दीकी ने बताया कि 11 से 23 सितंबर तक जिले के समस्त आयुर्वेदिक चिकित्सालयों की ओर से आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें ग्राम चौपाल, योग एवं ध्यान शिविर, चिकित्सा शिविर, संगोष्ठी, सेमिनार, आयुर्वेद विषय पर प्रतियोगिताएं, पौधरोपण, औषधीय पौधों का वितरण तथा स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण कार्यक्रम प्रमुख रहे।
उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य आयुर्वेद के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के साथ लोगों को स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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