नोएडा। नोएडा में स्लीपर बस में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। आग की चपेट में आने से बस में सवार 9 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक घटना ने यात्री सुरक्षा और स्लीपर बसों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, बस में आग लगने के बाद भी ड्राइवर ने वाहन को तत्काल नहीं रोका। आग तेजी से फैलने के कारण यात्रियों को संभलने और बस से बाहर निकलने का पर्याप्त मौका नहीं मिल सका। देखते ही देखते बस आग की लपटों में घिर गई और कई यात्री उसमें फंस गए।
बस के पहले भी कट चुके थे 19 चालान
हादसे के बाद सामने आया है कि संबंधित बस के खिलाफ पहले भी कार्रवाई हो चुकी थी। बस के 19 चालान काटे जा चुके थे, जबकि कुल 1.75 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसके बावजूद बस का संचालन जारी रहने से यात्री परिवहन व्यवस्था की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।
हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
स्लीपर बसों में बड़ी संख्या में यात्री एक साथ सफर करते हैं। ऐसे में आग जैसी आपात स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पर्याप्त आपातकालीन व्यवस्था बेहद जरूरी होती है। नोएडा की इस घटना के बाद बसों की फिटनेस, सुरक्षा उपकरणों और नियमों के पालन की जांच को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
इस हादसे ने यह भी सवाल खड़ा किया है कि जिन वाहनों के खिलाफ बार-बार यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई हो चुकी है, उनकी निगरानी और संचालन को लेकर संबंधित विभाग कितनी सख्ती बरतते हैं।
9 यात्रियों की मौत से मचा हड़कंप
बस में आग लगने की घटना में 9 लोगों की मौत ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। हादसे की सूचना के बाद संबंधित अधिकारी और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे। घटना के बाद मृतकों की पहचान और हादसे के कारणों से जुड़ी जांच की प्रक्रिया शुरू की गई।
फिलहाल इस घटना ने स्लीपर बसों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। हादसे की विस्तृत जांच के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारण और लापरवाही की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।
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