ग्रेटर नोएडा। इस बार जिले के लोगों ने शराब और प्रॉपर्टी पर जमकर पैसा खर्च किया है। लिहाजा स्टांप और आबकारी विभाग ने पिछले साल और अन्य विभागों के मुकाबले ज्यादा कमाई की है।
स्टांप विभाग ने जहां 5,180 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 4,570 करोड़ राजस्व वसूले हैं, वहीं आबकारी विभाग ने 2506 करोड़ के लक्ष्य की तुलना में 2,413 करोड़ रुपये की कमाई की है।

नोएडा के कई विभाग राजस्व वसूरी में फिसड्डी साबित हुए। फोटो: एआई जनरेटेड
राजस्व वसूली 10.55 प्रतिशत गिरी
वित्तीय वर्ष 2024-25 के मुकाबले इस बार गौतमबुद्ध नगर की राजस्व वसूली 10.55 प्रतिशत गिरी है। प्रशासन को 26,876 करोड़ राजस्व मिला है। इसमें मंडी समिति और आबकारी विभाग पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले जिले की राजस्व वसूली में 10.55 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है।
भू-राजस्व विभाग सबसे फिसड्डी रहा है। भू-राजस्व विभाग लक्ष्य का 3.41 प्रतिशत ही हासिल कर सका। हालांकि 2024-25 में यह प्राप्ति 2.81 प्रतिशत ही रही थी। प्रदेश सरकार हर साल जिला प्रशासन को राजस्व वसूली का लक्ष्य देती है।
2025-26 में जिले को 36,360 करोड़ का लक्ष्य मिला था लेकिन सभी विभाग मिलकर 80 प्रतिशत भी राजस्व जमा नहीं कर सके। लक्ष्य का 73.92 प्रतिशत ही मिला है।
कई विभाग कमाई में फिसड्डी रहे
वित्तीय वर्ष 2024-25 में राजस्व वसूली 29,480 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 24,902 करोड़ (84.47 फीसदी) राजस्व वसूली हुई थी। विद्युत कर एवं राजस्व विभाग ने 6211 करोड़ में से 5890 करोड़ का राजस्व सरकार को दिया है। इन विभागों का प्रदर्शन: इस बार कुछ विभाग ऐसे है जिनका परिणाम पहले से खराब रहा है जबकि कुछ ने राजस्व वसूली में सुधार किया है। आबकारी विभाग, स्टांप और निबंधन विभाग, मंडी समिति, वानिकी व वन्य जीव, नगर निकाय की राजस्व वसूली पहले से बेहतर हुई है। वाणिज्य कर, अलोह खनन व धातु कर्म, विधिक माप जैसे विभाग की वसूली खराब रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के मुकाबले वसूली खराब रही है।
News Wani
