लखनऊ। राजधानी लखनऊ में रविवार को आयोजित आत्मसम्मान रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे। रैली में समान शिक्षा, रोजगारपरक शिक्षा, सामाजिक सम्मान और संविदाकर्मियों के अधिकारों से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। आयोजकों के मुताबिक कार्यक्रम में करीब 25 हजार लोग शामिल हुए।
रैली को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था को समाप्त करने और संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में कर्मचारी वर्षों से अस्थायी व्यवस्था में काम कर रहे हैं और उन्हें उनके काम के अनुरूप अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए।
उन्होंने आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, रसोइया, रोजगार सेवक, शिक्षामित्र, शिक्षा अनुदेशक, पीआरडी जवान, होमगार्ड तथा बिजली और स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत संविदाकर्मियों के मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के शोषण को रोका जाना चाहिए और योग्य लोगों की सीधी भर्ती की व्यवस्था को बढ़ावा देना चाहिए।
जनता को सम्मान देने की बात
कौशल किशोर ने कहा कि जनता लोकतंत्र में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और उसे सरकारी दफ्तरों, थानों तथा तहसीलों में सम्मान के साथ सुना जाना चाहिए। उन्होंने जनता को ‘किंगमेकर’ बताते हुए कहा कि लोगों के सम्मान और आत्मसम्मान की रक्षा जरूरी है।
रैली में विकसित और आत्मनिर्भर भारत के साथ नशामुक्त और अपराधमुक्त समाज बनाने की दिशा में समान एवं रोजगारपरक शिक्षा लागू करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
रानी लक्ष्मीबाई और ऊदा देवी की प्रतिमाओं की मांग
रैली के दौरान कौशल किशोर ने राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल पर रानी लक्ष्मीबाई, ऊदा देवी, सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह समेत अन्य महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि प्रेरणा स्थल को देशभर के लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनाया जाना चाहिए।
नशामुक्ति को लेकर सम्मेलन की घोषणा
कौशल किशोर ने नशे के खिलाफ अभियान को तेज करने की बात कही। उन्होंने बताया कि 19 अक्टूबर को लखनऊ के गांधी भवन सभागार में नशामुक्त, अपराधमुक्त, रोजगारपरक एवं एक समान शिक्षा जैसे विषयों पर विचार सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें देशभर से प्रतिनिधियों को बुलाने की बात कही गई है।
रैली में विधायक और समर्थक रहे मौजूद
आत्मसम्मान रैली में मलिहाबाद विधायक जयदेवी कौशल समेत कई नेता और सामाजिक वर्गों से जुड़े लोग मंच पर मौजूद रहे। मोहनलालगंज विधायक अमरीश रावत ने भी आत्मसम्मान के मुद्दे पर लोगों को एकजुट रहने का आह्वान किया।
रैली स्थल पर सुबह से ही कार्यकर्ताओं और समर्थकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। मंच के आसपास भीड़ लगातार बढ़ती रही और कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, रोजगार तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे चर्चा में रहे।
2027 से पहले राजनीतिक सक्रियता का भी संदेश
रैली को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा रही। कौशल किशोर का प्रभाव मलिहाबाद, बीकेटी, सरोजनीनगर, मोहनलालगंज और सिधौली क्षेत्र तक बताया गया है। उनकी पत्नी जयदेवी कौशल मलिहाबाद से विधायक हैं।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आयोजित इस रैली को उनके समर्थकों को एकजुट करने और क्षेत्र में अपनी सक्रियता दिखाने के प्रयास के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि रैली में जुटी भीड़ को सीधे चुनावी समर्थन में बदलना एक अलग राजनीतिक चुनौती होगी।
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