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जम्मू-कश्मीर में लश्कर कमांडर हाशिम मूसा ढेर, बडगाम के जंगल में सुरक्षाबलों से हुई मुठभेड़

बडगाम। जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। यूसमर्ग के कोराग इलाके में मंगलवार देर रात हुई मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर हाशिम मूसा मारा गया। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया था।

तलाशी अभियान के दौरान जंगल में छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद इलाके में मुठभेड़ शुरू हो गई। सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, मारे गए आतंकी की पहचान हाशिम मूसा के रूप में हुई है। अलग-अलग रिपोर्टों में उसका नाम सुलेमान शाह उर्फ मूसा, फौजी मूसा और मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा भी बताया गया है।

सेना ने इस अभियान को ‘ऑपरेशन कोराग’ नाम दिया है। मुठभेड़ के बाद इलाके में अतिरिक्त तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षाबलों को आशंका है कि आसपास कुछ और आतंकी छिपे हो सकते हैं।

2022 से कश्मीर में सक्रिय था मूसा

सुरक्षा एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, हाशिम मूसा पाकिस्तानी नागरिक था और पाकिस्तान आर्मी के SSG का पूर्व पैरा-कमांडो बताया जाता है। वह 2022 में घुसपैठ के जरिए कश्मीर घाटी में दाखिल हुआ था। इसके बाद से वह लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी नेटवर्क के साथ सक्रिय था।

सुरक्षा एजेंसियां 2022 से सक्रिय लश्कर के चार आतंकियों के एक समूह पर नजर रख रही थीं। इसमें जुनैद रमजान अहमद, अबू ताल्हा, यासिर और हाशिम मूसा शामिल बताए गए थे।

जुनैद रमजान दिसंबर 2024 में मारा गया था। उसके मोबाइल फोन से सुरक्षाबलों को इन चारों आतंकियों की एक तस्वीर मिली थी। इससे एजेंसियों को उनके नेटवर्क और आपसी कनेक्शन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

इसके बाद अप्रैल 2025 में अबू ताल्हा को भी सुरक्षाबलों ने मार गिराया। 5 सितंबर के ऑपरेशन में यासिर मारा गया था, जबकि हाशिम मूसा उस समय सुरक्षाबलों के हाथ से बच निकला था। इसके बाद से उसकी तलाश जारी थी।

सितंबर में जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी मारे गए

सितंबर महीने में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान कई आतंकियों को मार गिराया गया है। 17 सितंबर को उधमपुर के मजालता इलाके में सेना ने दो पाकिस्तानी आतंकियों को ढेर किया था। उनकी पहचान सद्दाम और मुस्तफा के रूप में हुई थी। दोनों के जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने की जानकारी सामने आई थी।

सुरक्षाबलों ने उनके पास से एक AK असॉल्ट राइफल, चार मैगजीन, M4 कार्बाइन, तीन मैगजीन, ग्लॉक पिस्टल, दो मैगजीन और चार ग्रेनेड बरामद किए थे।

डोडा में मिला था आतंकी का शव

9 सितंबर को डोडा जिले में तलाशी अभियान के दौरान लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक पाकिस्तानी आतंकी का शव बरामद हुआ था। SOG डोडा, राष्ट्रीय राइफल्स और CRPF की संयुक्त टीम ने जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान शव बरामद किया था।

बताया गया था कि 6 सितंबर को सेओजधार के घने जंगलों में हुई मुठभेड़ में आतंकी मारा गया था। दुर्गम और घने जंगल वाले इलाके के कारण उसका शव कुछ दिन बाद बरामद हो सका। मौके से नाइट विजन क्षमता वाली M4 राइफल भी मिलने की जानकारी दी गई थी।

पुंछ हमले से जुड़े यासिर को भी मारा गया था

5 सितंबर को बडगाम में हुई कार्रवाई में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी यासिर के मारे जाने की जानकारी सामने आई थी। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यासिर 2024 में पुंछ में एयरफोर्स के काफिले पर हुए हमले में शामिल था। उस हमले में एक जवान की मौत हुई थी।

हाशिम मूसा के मारे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की ओर से इलाके में तलाशी अभियान जारी रखा गया है। सुरक्षाबल संभावित आतंकी ठिकानों और संदिग्ध गतिविधियों की जांच कर रहे हैं।

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