-20 साल से मंदिर में कर रहे थे पूजा-पाठ; सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही फोरेंसिक और पुलिस टीम, एएसपी ने किया मौका-मुआयना
महोबा। बेलाताल के ऐतिहासिक बेलासागर तट पर स्थित फूलबाग हनुमान मंदिर में पुजारी का शव खून से लथपथ पड़े देख क्षेत्रीय लोगों में दहशत फैल गई। शनिवार की सुबह श्रद्धालु पूजा करने के लिए मंदिर पहुंचे और पुजारी का शव पड़ा देख चीखने चिल्लाने लगे, जिससे लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजकर घटना के बावत पूछताछ करते हुए जांच शुरू कर दी है। सूचना पर पहंुची एएसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने घटना स्थल का निरीक्षण कर जायजा लिया।
शनिवार की सुबह कुछ श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए बेलासागर के हनुमान मंदिर पहुंचे और वहां के पुजारी को कई बार आवाज लगाई, लेकिन किसी जबाव न मिलने पर श्रद्धालुओं ने पास बनी कमरे की खिड़की से झांकर देखा तो उनके होश उड़ गए। बीस सालों से मंदिर मे रहकर पूजा पाठ करने वाले पुजारी उदित्यनारायण मिश्रा (65) का रक्तरंजित शव फर्श पर पड़ा था और मृतक के गले में धारदार हथियान के निशान भी थे। यह देख श्रद्धालु भागकर मंदिर के बाहर आए और शोर शराबा मचाने लगे, जिससे आसपास के अन्य ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहंुची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह, क्षेत्राधिकारी अनिरुद्ध कुमार, थाना प्रभारी अवधेश कुमार, चैकी प्रभारी सुजीत कुमार फोरेंसिक टीम घटना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से घटना के बावत पूछताछ की।
अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और फोरेंसिक टीम साक्ष्य संकलन में जुटी है। प्रारंभिक जांच में कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है। मंदिर के समीप लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाले हुए घटना स्थल के आसपास रात में आने जाने वाले लोगों के बारे में जानकारी की जा रही है। पुजारी की मौत के बाद बेलाताल और आसपास के गांव के श्रद्धालुओं में आक्रोश व्याप्त है। श्रद्धालुओं ने जल्द से जल्द दोषियों को गिरफ्तार किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक पुजारी उदित्यनारायण मिश्रा मूल रूप से हमीरपुर जिले के राठ कोतवाली क्षेत्र के अमगांव निवासी थे और वह मिलनसार स्वभाव का था। करीब दो दशक पहले वह बेलासागर घाट स्थित इस हनुमान मंदिर में आकर रहने लगे थे। मंदिर की साफ सफाई से लेकर रोजाना की पूजा तक सभी जिम्मेदारी वही संभालते थे।
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