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टीईटी अनिवार्यता पर आपत्ति जता पीएम को भेजा ज्ञापन

– कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करतीं महिला शिक्षक संघ की पदाधिकारी।
फतेहपुर। शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता पर आपत्ति जताते हुए उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ के बैनर तले महिला शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले तथा राइट टू एजुकेशन अधिनियम 2009 की धारा 23 में वर्ष 2017 के संशोधन द्वारा थोपी गई व्यवस्था के विरुद्ध कड़ी आपत्ति व्यक्त की गई।
यह निर्णय आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्य करने का है, जो न केवल संवैधानिक सिद्धांतों के विरुद्ध है, बल्कि कानून के पूर्वव्यापी प्रभाव के सामान्य नियमों का भी उल्लंघन करता है। किसी भी कानून या नियम में किया गया परिवर्तन सामान्यतः भविष्य की तिथि से लागू होता है, न कि पूर्व की नियुक्तियों पर। इस निर्णय से उत्तर प्रदेश में लगभग 2 लाख तथा देशभर में 20 लाख से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं का भविष्य संकट में पड़ गया है। निरंतर मानसिक दबाव के कारण शिक्षकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है तथा समाज में असंतोष और नकारात्मक वातावरण बन रहा है। इस मौके पर उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष चम्पा शर्मा, रश्मि श्रीवास्तव, श्रद्धा अवस्थी, मोनिका सिंह, प्रितिजा, अपराजिता, विनीता, शालिनी मौर्य, राधा त्रिपाठी, मनोरमा, सुषमा भी मौजूद रहीं।

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