प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह कैप्टन स्मित मच्छर से करीब 9 मिनट तक वीडियो कॉल पर बातचीत की। मोदी ने उनकी बहादुरी और सूझबूझ की तारीफ करते हुए कहा कि उनके साहस से कई लोगों की जान बची। बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित भावुक भी हो गए।
प्रधानमंत्री से बातचीत में कैप्टन स्मित ने बताया कि घटना के दौरान जब उन्हें लगा कि हालात बेहद गंभीर हैं, तब वे हनुमान चालीसा पढ़ रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि भगवान ने ही उनकी जान बचाई।
स्मित ने बताया- आखिरी मौके पर खोला विमान का दरवाजा
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित से पूछा कि घटना के समय आखिर क्या हुआ था। इस पर उन्होंने बताया कि एक समय उन्हें लगा कि अगर उन्होंने तुरंत कुछ नहीं किया तो सब कुछ खत्म हो जाएगा। वे नीचे गिर गए थे और उन्हें काफी चोटें भी आई थीं।
स्मित ने बताया कि उन्हें विमान उड़ाने का 17 साल का अनुभव है और वे पिछले 11 साल से कैप्टन हैं। उन्होंने कहा कि नीचे गिरने के बावजूद उन्हें महसूस हो रहा था कि विमान नीचे जा रहा है। उन्हें लगा कि यह आखिरी मौका है, इसलिए उन्होंने पास मौजूद दरवाजा खोल दिया।
PM मोदी के सामने भावुक हुए कैप्टन
बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित भावुक हो गए। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि उनका फोन आना उनके लिए बहुत गर्व की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें प्रधानमंत्री से बात करने का मौका मिलेगा।
मोदी ने उनके परिवार की भी सराहना की। उन्होंने कैप्टन की मां गीताबेन और पिता भूपेंद्रभाई के संस्कारों का उल्लेख करते हुए उन्हें नमन किया। मोदी ने उनकी पत्नी सोनलबेन से हुई बातचीत का भी जिक्र किया और उनके धैर्य की तारीफ की।
UAE के अस्पताल में चल रहा इलाज
कैप्टन स्मित फिलहाल UAE के एक अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें सऊदी अरब से एयरलिफ्ट करके अबू धाबी ले जाया गया था। UAE में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल में उनसे और उनके परिवार से मुलाकात की।
राजदूत के मुताबिक कैप्टन स्मित की हालत स्थिर है और उनकी सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है। भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और उन्हें बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
पहले भी PM मोदी कर चुके हैं तारीफ
प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले भी कैप्टन स्मित की बहादुरी और सूझबूझ की तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पायलट ने धैर्य और साहस बनाए रखा।
मोदी ने कैप्टन के माता-पिता और पत्नी से भी बातचीत कर उनकी सेहत की जानकारी ली थी। साथ ही भारतीय मिशनों की ओर से परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था।
इजराइल और अमेरिका से भी मिली प्रशंसा
कैप्टन स्मित की बहादुरी की इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी प्रशंसा की। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इजराइल सरकार ने उन्हें सम्मानित करने की बात कही है।
गुजरात सरकार ने भी कैप्टन स्मित को ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करने का ऐलान किया है।
फ्लाईदुबई से पहले स्पाइसजेट में थे पायलट
कैप्टन स्मित ने फ्लाईदुबई में शामिल होने से पहले 11 साल से ज्यादा समय तक स्पाइसजेट में काम किया। इस दौरान उन्होंने 9,500 घंटे से अधिक उड़ान भरी। इनमें 6,400 घंटे से ज्यादा समय पायलट-इन-कमांड के तौर पर था।
जून 2022 में उन्होंने फ्लाईदुबई जॉइन की थी। उपलब्ध प्रोफाइल के मुताबिक, उन्हें कमर्शियल विमान उड़ाने का 13 साल से अधिक अनुभव है और उन्होंने बोइंग 737 विमान पर करीब 9,750 घंटे उड़ान भरी है।
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