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खड़गे की टिप्पणी पर सियासी घमासान, पटना में पुलिस को शिकायत; भाजपा ने मांगा जवाब

पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी पर बिहार की राजनीति में विवाद गहरा गया है। रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान खड़गे ने कथित तौर पर कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। सोमवार को इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।

भाजपा कार्यकर्ता ने पुलिस में दी शिकायत

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, भाजपा कार्यकर्ता कृष्ण कुमार सिंह ने रविवार शाम पटना के कोतवाली थाने में खड़गे के खिलाफ शिकायत दी। शिकायतकर्ता ने टिप्पणी की जांच करने और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने खड़गे से 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की मांग भी की।

पुलिस अधिकारी के अनुसार, कथित घटना गांधी मैदान थाना क्षेत्र में हुई थी। इसी वजह से शिकायत को आवश्यक कार्रवाई के लिए गांधी मैदान थाने में भेजे जाने की बात कही गई। शिकायत दिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि आरोप साबित हो गए हैं। आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।

श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के कार्यक्रम में हुई टिप्पणी

यह मामला पटना के बापू सभागार में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम से जुड़ा है। कार्यक्रम में खड़गे संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान श्रोताओं में मौजूद एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी की। इसके जवाब में खड़गे ने विवादित शब्दों का इस्तेमाल किया।

कार्यक्रम में खड़गे ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी निशाना साधा। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) को लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के जरिए विपक्ष समर्थक मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। ये आरोप राजनीतिक विवाद का हिस्सा हैं और इनकी पुष्टि के लिए संबंधित तथ्यों को अलग से देखना जरूरी है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मांगी माफी

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खड़गे की टिप्पणी पर नाराजगी जताई और इसे लेकर कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगा। उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की। भाजपा नेताओं का कहना है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सार्वजनिक मंचों पर भाषा की मर्यादा बनाए रखी जानी चाहिए।

इस मुद्दे पर भाजपा के अन्य नेताओं ने भी कांग्रेस अध्यक्ष की आलोचना की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी टिप्पणी पर आपत्ति जताई। भाजपा की ओर से इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाते हुए विरोध प्रदर्शन की घोषणा किए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। “टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट”

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल मामले में प्रमुख सवाल यह है कि पुलिस शिकायत पर क्या कार्रवाई करती है और उपलब्ध वीडियो व अन्य साक्ष्यों की जांच में क्या सामने आता है। शिकायतकर्ता ने जांच के आधार पर उचित कदम उठाने की मांग की है। किसी भी कानूनी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले घटना का पूरा संदर्भ और संबंधित साक्ष्य देखना जरूरी होगा।

इस विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक भाषणों में इस्तेमाल होने वाली भाषा और नेताओं की सार्वजनिक जिम्मेदारी को चर्चा में ला दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी जारी रहने की संभावना है। हालांकि, आगे की कार्रवाई और दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाओं के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।

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