Breaking News

रबी की बेहतर पैदावार के लिए किसानों को बताए उन्नत खेती के गुर आईटीआई मैदान में जनपद स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी व कृषक-वैज्ञानिक संवाद, सरकारी योजनाओं की भी दी जानकारी

फतेहपुर। आईटीआई मैदान में कृषि विभाग की ओर से जनपद स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी-2026 एवं कृषक-वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने किसानों को रबी फसलों की बेहतर पैदावार के लिए उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी दी। किसानों को संतुलित उर्वरक प्रयोग, कीट एवं खरपतवार नियंत्रण तथा फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में भी जागरूक किया गया।

जिला कृषि अधिकारी नरोत्तम कुमार ने कृषि यंत्रीकरण योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, पीएम कुसुम योजना और परंपरागत कृषि विकास योजना समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से रबी फसलों की बुवाई से पहले आवश्यक तैयारियां पूरी करने और वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने की अपील की।

उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान खरीफ सत्र के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। समितियों के माध्यम से किसानों को उनकी जोत के अनुसार नियमानुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों से आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक खरीदने और अनावश्यक भंडारण से बचने की अपील की गई।

आलू किसानों को खरीद केंद्र और सब्सिडी की जानकारी

उद्यान निरीक्षक सुनील कुमार ने उद्यान विभाग की योजनाओं के साथ प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना, मुख्यमंत्री फल उद्यान योजना, आरकेवीवाई और एकीकृत बागवानी मिशन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने किसानों को योजनाओं के तहत मिलने वाले अनुदान और अन्य लाभों से अवगत कराया।

आलू उत्पादक किसानों को बताया गया कि वर्तमान सत्र में आलू की खरीद के लिए जिले में क्रय केंद्र स्थापित कराए जाएंगे। आलू भंडारण के लिए शासन द्वारा निर्धारित प्रति कुंतल सब्सिडी भी किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी।

फसल में दवाओं के संतुलित इस्तेमाल पर जोर

वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए शैलेश कुमार ने रबी फसलों में कीटनाशक और खरपतवारनाशी रसायनों के संतुलित इस्तेमाल की जानकारी दी। अग्रणी जिला प्रबंधक गोपाल कृष्णा ने किसानों से अधिक से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने और फसलों का बीमा कराने की अपील की। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंशन योजना के बारे में भी बताया।

सहायक निदेशक मत्स्य विजय प्रकाश ने मत्स्य संपदा योजना सहित विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक साधना वैश्य और जितेंद्र सिंह ने किसानों से फसल अवशेष न जलाने, पलेवा के बाद बुवाई करने और फसलों में संतुलित मात्रा में उर्वरक का प्रयोग करने की अपील की।

वैज्ञानिकों ने रबी फसलों में लगने वाले प्रमुख कीटों की पहचान और उनके नियंत्रण के उपायों के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी भी किसानों को दी। कार्यक्रम में कृषि, उद्यान, सहकारिता, पशुपालन, मत्स्य, सिंचाई और बैंकिंग विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

About NW-Editor

Check Also

लुधियाना में काम कर रहे फतेहपुर के युवक की अचानक मौत, तीन दिन बाद घर पहुंचा शव

फतेहपुर। राजस्थान प्रांत के लुधियाना में चचेरे भाई के कारखाने में काम कर रहे 30 …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *