फतेहपुर। यूपीआई भुगतान पर 15 अक्टूबर से 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क लगाए जाने के प्रस्ताव को लेकर व्यापारी वर्ग में नाराजगी है। यूपी इंडस्ट्री एसोसिएशन ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र भेजकर निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग की है।
यूपी इंडस्ट्री एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष नारायण बाबू गुप्ता के नेतृत्व में वित्त मंत्री को भेजे गए पत्र में कहा गया कि यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाने का फैसला डिजिटल इंडिया की भावना के विपरीत होगा। सरकार लगातार डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित कर रही है, लेकिन यदि व्यापारियों को प्रत्येक भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा, तो वे नकद लेनदेन की ओर लौटने के लिए मजबूर हो सकते हैं। इससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के प्रयास प्रभावित होने की आशंका है।
पत्र में कहा गया कि 0.4 प्रतिशत शुल्क पहली नजर में भले ही कम दिखाई दे, लेकिन प्रतिदिन बड़े पैमाने पर कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए यह राशि समय के साथ बड़ा आर्थिक बोझ बन सकती है। खासकर छोटे दुकानदारों और सीमित मुनाफे पर कारोबार करने वाले व्यापारियों की आय पर अतिरिक्त शुल्क का प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
श्री गुप्ता ने यह भी आशंका जताई कि व्यापारियों पर पड़ने वाले अतिरिक्त खर्च का असर अंततः उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है। इससे वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर दबाव बढ़ने की संभावना रहेगी।
एसोसिएशन ने वित्त मंत्री से देश के 12 करोड़ व्यापारी परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित शुल्क संबंधी निर्णय पर पुनर्विचार करने और इसे वापस लेने की मांग की है।
इस मौके पर दीपक साहू, दिलीप कुमार, मजहर अहमद गुड्डू, जयंत श्रीवास्तव, आलोक कुमार गुप्ता सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
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