गुरुग्राम में 3 साल के बेटे को गोद में लेकर 7वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड करने वाली 28 साल की नर्स सर्मिता से जुड़े केस में नया खुलासा हुआ है। ससुरालवालों की डिमांड पर बेटी का घर बचाने के लिए दो लाख रुपए लेकर पहुंचे सर्मिता के पिता को जब पति रोहित यादव ने अपने घर में सरेआम जलील किया तो सर्मिता के सब्र का बांध टूट गया। अपने पिता का अपमान देखकर सर्मिता ने तीन साल के बेटे युवान को गोद में उठाकर सातवीं मंजिल से छलांग लगा दी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। सर्मिता पारस अस्पताल में नर्स थी। सर्मिता की मौत के बाद उसके पिता कृष्ण के बयान पर गुरुग्राम के सेक्टर-10 की थाना पुलिस ने सर्मिता के पति रोहित यादव, सास-ससुर और दोनों ननदों के खिलाफ प्रताड़ना और दहेज के लिए हत्या करने का मामला दर्ज किया है। दोनों ननदों में से एक शादीशुदा है। सर्मिता का मायका महेंद्रगढ़ के बिछनी गांव में है। गुरुवार को सर्मिता और उसके बेटे का पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद बॉडी परिवार के हवाले कर दी गई। दोनों का अंतिम संस्कार गुरुग्राम में किया गया जिसमें मायके वालों के साथ ससुराल पक्ष के लोग भी शामिल हुए।

जानिए…FIR में लिखी प्रताड़ना की पूरी कहानी
- पति की गुरुग्राम कोर्ट में जूस की दुकान: पुलिस को दी शिकायत में कृष्ण ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी सर्मिता की शादी 4 साल पहले कामधेड़ा गांव के रोहित यादव से की थी। रोहित गुरुग्राम जिला कोर्ट में जूस की दुकान चलाता है और तकरीबन दो साल से परिवार के साथ सिद्धार्थ एन्क्लेव सोसायटी में सातवीं मंजिल पर एक फ्लैट में रह रहा है। सर्मिता का ससुर राजेंद्र यादव, सास रेणू यादव और एक ननद यहीं उनके साथ रहती हैं। राजेंद्र यादव किसान फैमिली से हैं और इन दिनों घर पर ही रहता है। सर्मिता की एक ननद की शादी हो चुकी है।
- ससुराल वाले 5 लाख रुपए मांग रहे थे : कृष्ण के मुताबिक, बेटी सर्मिता को ससुराल में किसी के ताने न सुनने पड़ जाएं, इसलिए उन्होंने शादी में अपनी क्षमता से बढ़कर खर्चा किया। सालभर बाद सर्मिता को बेटा हुआ जिसका नाम युवान रखा गया। पिछले कुछ समय से पति रोहित, ससुर राजेंद्र यादव, सास रेणु और दोनों ननदें मिलकर सर्मिता को मेंटली और इमोशनली हरासमेंट कर रहे थे। उस पर बार-बार मायके से पांच लाख रुपए लाने का दबाव डाला जा रहा था।
- झगड़े के बाद बेटी बालकनी में गई: कृष्ण ने शिकायत में बताया- ‘बेटी की शादीशुदा जिंदगी बचाने की उम्मीद में मैं मंगलवार को दो लाख रुपए लेकर पहुंचा तो वहां रोहित और उसके मां-बाप ने मुझे और सर्मिता को जलील करना शुरू कर दिया। मैं अपने दामाद की मिन्नतें कर ही रहा था कि सर्मिता तीन साल के बेटे युवान को गोद में उठाकर बालकनी की ओर चली गई। मुझे लगा कि वह शायद संभावित झगड़े से बचने के लिए बालकनी में गई है इसलिए मैंने उसे रोका नहीं और ससुरालवालों को समझाने का प्रयास करता रहा।’
- गार्ड ने बताया, सर्मिता नीचे कूद गई : अपनी शिकायत में कृष्ण ने कहा कि कुछ देर बाद सोसायटी के सिक्योरिटी गार्ड ने फ्लैट की डोरबेल बजाई। गेट खोलने पर गार्ड ने बताया कि सर्मिता अपने बेटे के साथ नीचे फर्श पर पड़ी है और उनके सिर से खून बह रहा है। ये सुनकर मैं नीचे की तरफ भागा और तुरंत दोनों को उठाकर अस्पताल ले गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
डेडिकेटेड नर्स थी सर्मिता: पारस अस्पताल में नर्स की जॉब करने वाली सर्मिता के साथी कर्मचारी भी उसकी मौत की खबर सुनकर हैरान रह गए। अस्पताल के सहकर्मियों ने बताया कि वह डेडिकेटेड नर्स थीं, जो पूरी तरह अपनी जॉब और बेटे की परवरिश में बिजी रहती थीं। वह अपने काम से मतलब रखती थी और किसी से फालतू बात नहीं करती थी।
कोई सुसाइड नोट नहीं मिला गुरुग्राम सेक्टर-10 पुलिस थाने के SHO योगेश कुमार ने बताया कि घटना के समय पूरा परिवार घर पर था। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। उधर सर्मिता के पिता कृष्ण का कहना है कि ससुराल वालों के दबाव ने उनकी बेटी की हिम्मत इस हद तक तोड़ दी कि उसने अपने 3 साल के मासूम बेटे के साथ सुसाइड करने का फैसला कर लिया।
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