Breaking News

योगी की अखिलेश को नसीहत

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं हो सकता और कोई भी हर पीठ के आचार्य के रूप में जाकर वातावरण खराब नहीं कर सकता। मैं नफीस जाफरी आपको यह बता दूं कि उन्होंने कहा कि मर्यादाओं का पालन सभी को करना होगा। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि अगर वह शंकराचार्य थे तो वाराणसी में
लाठीचार्ज क्यो किया गया था और एफआईआर क्यों दर्ज हुई थी। उन्होंने कहा कि नैतिकता की बात करने वालों को पहले अपने आचरण पर ध्यान देना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जहां साढ़े चार करोड़ श्रद्धालु पहुंचे हों, वहां व्यवस्था और सुरक्षा सर्वाेपरि है। साथ ही उन्होंने बताया कि स्नान के बाद श्रद्धालु एग्जिट गेट से बाहर निकल रहे हों, उसी मार्ग से किसी को अंदर जाने का प्रयास नहीं करना चाहिए।मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि इस तरह का कदम एक नई भगदड़ को जन्म दे सकता है और श्रद्धालुओं के जीवन के साथ खिलवाड़ हो सकता है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार और मर्यादित व्यक्ति कभी इस प्रकार का आचरण नहीं कर सकता। मालूम हो कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि माघ मेले के दौरान एक पूजनीय शंकराचार्य को गंगा में डुबकी लगाने जैसी पुरानी परंपराओं का पालन करने से रोका गया, जो कि सनातन धर्म के विरुद्ध है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि संतों को रोकने वाला व्यक्ति सच्चा सनातनी नहीं हो सकता। अब अखिलेश यादव के इन आरोपों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद कड़े शब्दों में जवाब दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शंकराचार्य का पद अत्यंत सम्मानित है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि कोई भी नियमों और मर्यादाओं को ताक पर रख दे। उन्होंने कानून की सर्वाेच्चता पर जोर देते हुए कहा, कानून किसी के लिए अलग नहीं होता और किसी को भी नियमों के उल्लंघन
की इजाजत नहीं दी जा सकती। कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपको पूजना है सपा के लोग तो पूजें, लेकिन हम लोग मर्यादित लोग हैं, कानून का शासन पर विश्वास करते हैं। कानून का पालन करना भी जानते हैं और पालन करवाना भी जानते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि माघ मेले में जहां 4.5 करोड़ श्रद्धालु मौजूद हों, वहां किसी भी मार्ग को जाम नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर कोई  प्रतिबंधित मार्ग से जबरन अंदर जाने की कोशिश करता है, तो वहां भगदड़ जैसी जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है, जो किसी भी श्मर्यादित व्यक्तिश् को शोभा नहीं देती।

About NW-Editor

Check Also

‘‘मामले का राजनीतिकरण ना करें’’

बंगाल एसआईआर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख एक …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *