फतेहपुर। शहर के जेल रोड स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर संगोष्ठी आयोजित हुई, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में कमलावती सिंह उपस्थित रहीं। उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 1947 में हुआ विभाजन केवल सीमाओं का ही विभाजन नहीं था, बल्कि यह असंख्य परिवारों के सपनों, संबंधों और संवेदनाओं के बिखराव की भी त्रासदी थी। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें उस अकल्पनीय पीड़ा को स्मरण करने, उससे सीख लेने और राष्ट्र की एकता-अखंडता को सर्वोच्च मानने का संदेश देता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव ने की। उन्होंने अपने संबोधन में विभाजन की इस विभीषिका में अपने प्राण गंवाने वाले निर्दोष नागरिकों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी विभीषिका की स्मृतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश के वीर बलिदानियों की स्मृतियां हमें सदैव सशक्त, संगठित और अखंड भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करती रहेंगी।
कार्यक्रम का संचालन संयोजक मधुराज विश्वकर्मा ने किया। इस अवसर पर पुष्पराज पटेल, पंकज त्रिवेदी, सुनीता गुप्ता, नीरज सिंह, अपर्णा सिंह गौतम, उदय लोधी, कुलदीप भदौरिया, पंकज त्रिपाठी, प्रवीण कुमार सिंह, विमलेश पांडेय, धर्मेंद्र सिंह, सुधीर मिश्रा, रेखा सरोज, ओम मिश्रा, प्रसून तिवारी, सुमित द्विवेदी, उमेश गुप्ता, सुरेंद्र सोनकर, संजय श्रीवास्तव, अभिजीत भारतीय, अमित शिवहरे, जसवंत गिहार, संजय गुप्ता, मंजू शुक्ला, पंकज मिश्रा, स्वरूप राज सिंह जूली, वैभव द्विवेदी, देवनाथ धाकड़े, अवधेश मिश्रा, दीपक द्विवेदी, गौरव अग्रहरि सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संगोष्ठी के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने हाथों में काली पट्टी बांधकर भारत विभाजन का सांकेतिक विरोध किया। इसके बाद जिला कार्यालय से महाराजा अग्रसेन चौराहे तक मौन जुलूस निकाला गया।
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