वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी में अंदरूनी कलह तेज हो गई है। डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत के बाद अब रिपब्लिकन नेताओं ने हार की वजहों को लेकर अपनी ही सरकार और पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। पार्टी के कई नेताओं ने ईरान के साथ युद्ध, व्यापारिक टैरिफ और रूस के प्रति ट्रम्प के नरम रुख को चुनावी नुकसान की प्रमुख वजह बताया है।
रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं का मानना है कि ईरान युद्ध ने अमेरिकी मतदाताओं की नाराजगी बढ़ाई। इसके साथ ही महंगाई और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने भी आम लोगों को प्रभावित किया। टेक्सास के रिपब्लिकन नेता चैड विलबैंक्स ने ट्रम्प की विदेश और व्यापार नीतियों को पार्टी की हार के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रम्प के करीबी कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पर भी निशाना साधा है। उनका आरोप है कि रक्षा मंत्री ने राष्ट्रपति को ईरान के साथ युद्ध में उलझा दिया, लेकिन युद्ध से बाहर निकलने की कोई स्पष्ट रणनीति तैयार नहीं की। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी स्वीकार किया कि ईरान युद्ध के कारण ट्रम्प के कई पुराने समर्थकों ने इस बार रिपब्लिकन पार्टी से दूरी बना ली।
डेमोक्रेट्स ने संसद के दोनों सदनों में बनाई मजबूत स्थिति
मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत हासिल कर लिया है। 435 सीटों वाले निचले सदन में डेमोक्रेट्स को 242 सीटें मिली हैं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी 151 सीटों पर सिमट गई है। शेष सीटों पर मतगणना जारी है।
सीनेट में भी डेमोक्रेटिक पार्टी ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। 100 सदस्यीय उच्च सदन में डेमोक्रेट्स के पास 54 सीटें हो गई हैं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी के पास 44 सीटें हैं। इसके अलावा गवर्नर चुनाव में भी डेमोक्रेटिक पार्टी ने बढ़त हासिल की है।
ट्रम्प ने ईरान युद्ध को बताया चुनावी नुकसान की वजह
चुनावी नतीजों के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी माना कि ईरान के साथ युद्ध के कारण उनकी पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि युद्ध के चलते कुछ समय के लिए पेट्रोल की कीमतें बढ़ गई थीं। हालांकि, ट्रम्प ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए ऐसा करना जरूरी था और मौका मिलने पर वह फिर यही फैसला लेंगे।
रिपब्लिकन नेताओं में हार को लेकर आरोप-प्रत्यारोप
चुनाव में हार के बाद रिपब्लिकन पार्टी के भीतर जिम्मेदारी तय करने को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। कुछ नेताओं ने पार्टी की कमजोर चुनावी रणनीति को जिम्मेदार बताया, जबकि अन्य ने विवादित उम्मीदवारों और प्रचार अभियान पर खर्च को हार की वजह माना है। टेक्सास के कुछ नेताओं ने स्थानीय नेतृत्व की नीतियों पर भी सवाल उठाए हैं।
डेमोक्रेट्स के सामने अब वादे पूरे करने की चुनौती
चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के सामने जनता से किए गए वादों को पूरा करने की चुनौती होगी। पार्टी ने महंगाई कम करने, आम लोगों को आर्थिक राहत देने और ईरान के साथ युद्ध समाप्त कराने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है।
नई संसद के गठन के बाद डेमोक्रेट्स ट्रम्प प्रशासन के फैसलों की जांच कर सकेंगे। साथ ही सीनेट में बहुमत के कारण राष्ट्रपति की ओर से प्रस्तावित कई महत्वपूर्ण नियुक्तियों पर भी उनका प्रभाव रहेगा।
अमेरिकी राजनीति में बढ़ सकती है खींचतान
मिडटर्म चुनाव के नतीजों ने अमेरिकी राजनीति में नए समीकरण पैदा कर दिए हैं। एक तरफ डेमोक्रेटिक पार्टी को संसद में मजबूत भूमिका निभाने का मौका मिला है, वहीं दूसरी ओर रिपब्लिकन पार्टी के भीतर नेतृत्व और नीतियों को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक टकराव ट्रम्प प्रशासन के फैसलों और अमेरिका की विदेश नीति पर भी असर डाल सकता है।
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