नई दिल्ली। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए वर्ष 2029 को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि 2029 तक नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री और अमित शाह केंद्रीय गृह मंत्री नहीं रहेंगे। राउत का यह बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने 2029 के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की बड़ी जीत का भरोसा जताया था।
2029 के चुनाव को लेकर आमने-सामने आए नेता
संजय राउत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह 2029 तक अपने मौजूदा पदों पर नहीं रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार के नेता निराशा और असफलता से जूझ रहे हैं। राउत का यह बयान आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक बयानबाजी को दर्शाता है।
दूसरी ओर, अमित शाह ने विपक्षी दलों को 2029 के लोकसभा चुनाव में हार के लिए तैयार रहने की बात कही थी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा और एनडीए आगामी चुनाव में भारी बहुमत हासिल करेंगे। शाह ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर भी निशाना साधा था।
एसआईआर को लेकर सरकार से पूछे सवाल
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर भी संजय राउत ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि मतदाता सूची से वास्तविक भारतीय नागरिकों के नाम हटाए गए हैं, तो उन्हें घुसपैठिया कैसे माना जा सकता है।
राउत ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी के साथ-साथ सैनिकों, पूर्व सैनिकों और अधिकारियों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने सरकार से इस संबंध में जवाब देने की मांग की।
भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
संजय राउत ने आरोप लगाया कि भाजपा एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष की आलोचना कर रही है, जबकि मतदाता सूची से नाम हटने के मामलों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने भाजपा पर चुनावी प्रक्रिया से जुड़े नियमों और चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने के प्रावधानों को लेकर भी सवाल उठाए।
राउत ने दावा किया कि भाजपा की आलोचना करने वाले लोगों को घुसपैठिया बताने की राजनीति की जा रही है। हालांकि, ये आरोप उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।
अमित शाह ने विपक्ष को क्या दी थी चुनौती?
अमित शाह ने मंगलवार को कहा था कि विपक्षी दल एसआईआर के नाम पर घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के नेताओं को 2029 के लोकसभा चुनाव में हार के लिए तैयार रहने की चुनौती दी थी।
शाह के अनुसार, एनडीए आगामी आम चुनाव में भारी बहुमत से जीत हासिल करेगा, जबकि कांग्रेस को लगातार एक और चुनावी हार का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल, एसआईआर और 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा तथा विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण, नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता जैसे मुद्दे आने वाले समय में भी राजनीतिक बहस के केंद्र में रह सकते हैं।
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