Breaking News

दिल्ली प्रदर्शन के बाद घर पहुंचे अभिजीत दीपके: बोले- सरकार ने देखा कॉकरोचों का ट्रेलर, लड़ाई अभी बाकी है

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने रविवार को कहा कि परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर उनका आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते। दीपके ने बताया कि शनिवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुआ विरोध प्रदर्शन सफल रहा। इसमें लगभग 7,000 लोगों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि अब यह आंदोलन पूरे देश में फैलाया जाएगा। दीपके बोले- हम आवाज नहीं उठाएंगे तो परिवर्तन नहीं हो सकता। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती।

धर्मेंद्र प्रधान ने पूरी पीढ़ी के साथ अन्याय किया है। वे अगर इस्तीफा नहीं देते, तो 13 जून को फिर प्रदर्शन होगा। इसके बाद CJP फाउंडर रविवार सुबह महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के वालुज इलाके में अपने घर पहुंचे, जहां उनके परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। इधर, अभिजीत ने घर पहुंचने के बाद अपने X अकाउंट पर पोस्ट किया। इसमें उन्होंने लिखा कि वे आज इंस्टाग्राम लाइव पर फॉलोअर्स को संबोधित करेंगे।

अभिजीत की पोस्ट में लिखीं 5 बातें…

  • कल, हजारों लोगों ने इतिहास रचा। जंतर-मंतर पर हमारे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन ने सरकार को एक ट्रेलर दिखाया कि जब हम एकजुट होते हैं तो कॉकरोच क्या करने में सक्षम होते हैं।
  • अधिकांश लोगों ने पहले कभी किसी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लिया था। लेकिन हमारी मौजूदगी से उन्हें शिक्षा प्रणाली पर अपना गुस्सा और हताशा व्यक्त करने का साहस मिला।
  • अगर अगले 7 दिनों के भीतर उन्हें नहीं हटाया गया या उन्होंने पद नहीं छोड़ा तो हम जमीन पर अपना विरोध जारी रखने के लिए मजबूर होंगे।
  • मैं आपमें से हर एक को धन्यवाद देता हूं। तेज गर्मी-धूप में खड़े छोटे बच्चे और छात्रों ने साबित किया शांतिपूर्ण विरोध हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
  • सरकार एकीकृत, शांतिपूर्ण आंदोलन को छू नहीं सकती। हम कॉकरोचों को कभी भी उनसे डरने की जरूरत नहीं है।

कॉकरोच जनता पार्टी पर न्यूज़ वाणी के 2 कार्टून…

अभिजीत 5 घंटे जंतर-मंतर पर रहे, 5 बार स्पीच दी

सुबह 7:30 बजे: अभिजीत दीपके सुबह अमेरिका से दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से वे डेढ़ घंटे बाद बाहर निकले।

सुबह 9:30 बजे: अभिजीत CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका के साथ जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए। हाथ में अंबेडकर की ऑटो बायोग्राफी थी।

सुबह 10:00 बजे: अभिजीत जंतर-मंतर पहुंचे। यहां समर्थकों ने स्वागत किया और लोगों से बातचीत की।

सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक: दीपके ने अपने समर्थकों के बीच 5 बार छोटी-छोटी स्पीच दी। इस दौरान धर्मेन्द्र प्रधान इस्तीफा दो के नारे लगाए गए।

दोपहर 3:30 बजे : दीपके की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें गाड़ी में बैठाया गया। इसके बाद प्रदर्शन खत्म कर दिया गया। वे सोनम वांगचुक के साथ रवाना हो गए।

अभिजीत के सामने 3 बड़ी चुनौतियां

1. फॉलोअर्स को वोटर्स में बदलना: जंतर-मंतर की कम भीड़ ने साबित किया कि पार्टी को अभी सोशल मीडिया से निकलकर जमीनी स्तर पर ब्लॉक और जिला कमेटियां बनानी होंगी। पार्टी के पास पॉलिटिक्स का बिल्कुल अनुभव नहीं है। सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स की ताकत तो है, लेकिन सवाल है कि अगर वे चुनाव में उतरते हैं तो क्या इसे वोट बैंक में बदल पाएंगे।

2. अन्ना आंदोलन जैसा मददगार कैडर नहीं: 2011 के अन्ना आंदोलन की कामयाबी के पीछे अलग-अलग संगठनों का समर्थन था। कॉकरोच जनता पार्टी के पास कैडर नहीं है। उसका पूरा आधार क्लिक एक्टिविज्म पर टिका है। इंस्टाग्राम पर 2.2 करोड़ फॉलोअर्स होना डिजिटल उपलब्धि तो है, लेकिन इस वर्चुअल कैडर के पास न लीडर हैं और न ही बूथ मैनेजमेंट की कोई समझ।

3. सिंगल पॉइंट एजेंडा नहीं: कामयाब राजनीतिक या सामाजिक आंदोलन की पहली शर्त सिंगल पॉइंट एजेंडा है। अन्ना आंदोलन का एक साफ मकसद था- लोकपाल बिल। इससे लोग जुड़ गए। कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में आए लोगों में कोई मणिपुर की बात कर रहा था, कोई टैक्स और पानी के संकट की, तो कोई करप्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर की। पार्टी को स्पष्ट राष्ट्रीय नीति और एजेंडा सामने रखना होगा।

About NW-Editor

Check Also

खान सर पर कानूनी शिकंजा? आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास के मामले में FIR, पटना पुलिस की कार्रवाई से मचा बवाल

फायरिंग विवाद में खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर (Khan …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *