तरैया/छपरा (सारण)। बिहार के सारण जिले में शनिवार को छपरा शहर के नगरपालिका चौक पर हुए उग्र प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने तरैया थाना की एक पुलिस गाड़ी को निशाना बनाकर आग के हवाले कर दिया। घटना उस समय हुई, जब पुलिस टीम एक बंदी को न्यायालय में पेशी के लिए लेकर जा रही थी। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई, हालांकि पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बंदी और पुलिस दल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नगरपालिका चौक पर पहले से बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद थे। प्रदर्शन के दौरान स्थिति अचानक बिगड़ गई और भीड़ का एक हिस्सा पुलिस वाहन की ओर बढ़ गया। देखते ही देखते वाहन पर पथराव शुरू हो गया और उसके बाद उसमें आग लगा दी गई। कुछ ही मिनटों में पुलिस वाहन आग की लपटों से घिर गया और पूरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गया।
घटना के समय वाहन में मौजूद पुलिसकर्मी एक बंदी को न्यायालय में पेशी के लिए लेकर जा रहे थे। हालात बिगड़ते देख पुलिसकर्मियों ने सबसे पहले बंदी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों और दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक वाहन पूरी तरह जल चुका था।
घटना के बाद नगरपालिका चौक और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर उन लोगों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने पुलिस वाहन को आग लगाने और हिंसा फैलाने में भूमिका निभाई। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात भी अधिकारियों ने कही है।
घटना के बाद कुछ समय के लिए इलाके में यातायात प्रभावित रहा। सुरक्षा कारणों से पुलिस ने नगरपालिका चौक के आसपास बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया। बाद में हालात सामान्य होने पर यातायात धीरे-धीरे बहाल किया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान अचानक हिंसा भड़कने से बाजार क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। कई दुकानदारों ने एहतियात के तौर पर अपनी दुकानें बंद कर दीं, जबकि राहगीरों ने सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया। घटना के कारण कुछ समय तक पूरे इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार फ्लैग मार्च कर रही है और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसा में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बंदी पूरी तरह सुरक्षित है और उसे बाद में न्यायालय में नियमानुसार पेश किया गया। घटना में किसी पुलिसकर्मी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है, हालांकि वाहन पूरी तरह नष्ट हो गया है।
प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा कैसे भड़की, पुलिस वाहन को निशाना क्यों बनाया गया और क्या इस घटना के पीछे कोई पूर्व नियोजित साजिश थी। जांच पूरी होने के बाद पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।
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