मुंबई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पुणे में आयोजित एक विशेष समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया। इस मौके पर अमित शाह ने डोभाल के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा नीति और रणनीतिक फैसलों में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लिए गए कई बड़े राष्ट्रीय सुरक्षा फैसलों के पीछे अजीत डोभाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि डोभाल की रणनीतिक सोच और अनुभव ने भारत की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में बड़ा योगदान दिया है।
इतिहास में दर्ज होगा डोभाल का योगदान
अमित शाह ने कहा कि जब भी भारत के सुरक्षा इतिहास का विश्लेषण किया जाएगा, तो अजीत डोभाल के योगदान को विशेष स्थान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को मजबूत करने में डोभाल की सलाह और रणनीतिक इनपुट्स की अहम भूमिका रही है। गृह मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में जब इतिहास लिखा जाएगा और भारत की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा होगी, तब अजीत डोभाल के लिए निश्चित रूप से एक सुनहरा पन्ना सुरक्षित रखा जाएगा।
मोदी सरकार में पहली बड़ी नियुक्तियों में शामिल थे डोभाल
अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने के बाद शुरुआती बड़े फैसलों में से एक अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त करना था। उन्होंने कहा कि इस नियुक्ति ने भारत के रणनीतिक दृष्टिकोण को नई दिशा दी। शाह ने कहा कि डोभाल के अनुभव और विशेषज्ञता ने देश की सुरक्षा नीति को अधिक प्रभावी बनाने में मदद की। उनके अनुसार, आज भारत अपनी सुरक्षा और विदेश नीति के मामलों में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
भारत की विदेश नीति मजबूत हुई
समारोह में अमित शाह ने भारत की मौजूदा विदेश नीति की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज भारत की विदेश नीति मजबूत इच्छाशक्ति और आत्मसम्मान पर आधारित है। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया में अपनी स्थिति को मजबूत किया है और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को प्रभावी तरीके से स्थापित किया है।
सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में योगदान
अमित शाह ने अजीत डोभाल के लंबे सुरक्षा अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में अपने दशकों लंबे करियर के दौरान उन्होंने देश की सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण दायित्व निभाए। उन्होंने कहा कि डोभाल ने सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण, तकनीकी क्षमता बढ़ाने, सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने और रक्षा तैयारियों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। गृह मंत्री ने कहा कि बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल में भारत को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और ऐसे समय में अनुभवी रणनीतिक विशेषज्ञों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
लोकमान्य तिलक पुरस्कार का महत्व
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार देश के प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक माना जाता है। यह पुरस्कार समाज, राष्ट्र निर्माण और सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है। अजीत डोभाल को यह सम्मान राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनके लंबे योगदान और देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में उनकी भूमिका के लिए दिया गया।
समारोह में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
पुणे में आयोजित इस समारोह में कई वरिष्ठ नेता, अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान अजीत डोभाल को सम्मानित करते हुए उनके कार्यों और उपलब्धियों को याद किया गया। अजीत डोभाल भारत के सबसे अनुभवी सुरक्षा विशेषज्ञों में शामिल हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में वे देश की आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी रणनीति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को सलाह देते रहे हैं। लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से सम्मानित किए जाने के बाद अजीत डोभाल ने इसे देश की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी कर्मियों के सम्मान के रूप में बताया।
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