उपशीर्षक: मुंबई की सड़कें और एयरपोर्ट क्षेत्र पानी में डूबे, शिमला में भूस्खलन से पेड़ गिरे; बिहार में 48 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित
मुंबई और वसई-विरार में लगातार हो रही तेज बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। रात से जारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। सायन के प्रतीक्षा नगर क्षेत्र के साथ छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के आसपास भी पानी भर गया। नालासोपारा में सेंटर पार्क, तुलिंज ब्रिज समेत कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के फांचा कांडे इलाके में भारी बारिश के बीच जंगल का एक हिस्सा धंस गया। भूस्खलन के कारण बड़ी संख्या में देवदार के पेड़ जमीन पर गिर गए। मौसम विभाग ने राज्य में 18 सितंबर तक बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में बारिश और संबंधित घटनाओं के कारण अब तक 296 लोगों की मौत और 520 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
बिहार में 48 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित
बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। राज्य के 15 जिलों में करीब 48.22 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
भागलपुर में बाढ़ का पानी श्मशान घाट तक पहुंच गया है। पानी भरने के कारण कुछ स्थानों पर सड़क किनारे अंतिम संस्कार करने की स्थिति बन गई है। वहीं सुल्तानगंज में श्मशान घाट चारों तरफ से पानी से घिर गया है और टापू जैसा दिखाई दे रहा है। दानापुर में भी बाढ़ प्रभावित लोगों को जरूरी सामान और राशन लेने के लिए काफी पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है।
ओडिशा में भारी बारिश से सड़क-पुल डूबे
ओडिशा में कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण कई सड़कें और पुल पानी में डूब गए हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। मलकानगिरी जिले में बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला, जहां 24 घंटे के दौरान 804 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
लगातार बारिश के कारण मुंबई, हिमाचल प्रदेश, बिहार और ओडिशा समेत कई राज्यों में लोगों को जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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