Breaking News

दिल्ली में भारत खेलेगा ‘मेहमान’ बनकर, अफगानिस्तान होगा मेजबान; 94 साल के क्रिकेट इतिहास में पहली बार बना अनोखा रिकॉर्ड

नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन टी-20 मैचों की सीरीज दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में शुरू हो रही है। खास बात यह है कि मुकाबले भारतीय जमीन पर होने के बावजूद टीम इंडिया इस सीरीज में मेजबान नहीं, बल्कि विजिटिंग टीम के तौर पर मैदान में उतरेगी। वहीं अफगानिस्तान को आधिकारिक तौर पर घरेलू टीम का दर्जा मिलेगा।

भारतीय क्रिकेट के करीब 94 साल के इतिहास में यह स्थिति अपने आप में बेहद खास है। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड इस सीरीज का मेजबान है। सुरक्षा और घरेलू परिस्थितियों के कारण अफगानिस्तान अपने देश में अंतरराष्ट्रीय मुकाबले आयोजित नहीं कर पाता, इसलिए वह भारत जैसे दूसरे देशों में अपने घरेलू मैच आयोजित करता है।

पिच पर भी रहेगा अफगानिस्तान का अधिकार

अरुण जेटली स्टेडियम की पिच स्थानीय क्यूरेटर्स तैयार कर रहे हैं, लेकिन घरेलू टीम होने के कारण अफगानिस्तान अपनी जरूरत के मुताबिक पिच को लेकर सुझाव और मांग रख सकता है। अफगान टीम इससे पहले भी भारत में अपने घरेलू मुकाबले खेल चुकी है और कई बार स्पिन गेंदबाजों के अनुकूल परिस्थितियों को प्राथमिकता देती रही है।

टॉस में भी बदलेगी भूमिका

इस सीरीज में टॉस की प्रक्रिया भी सामान्य भारत के घरेलू मुकाबलों से अलग होगी। घरेलू टीम का कप्तान सिक्का उछालता है, जबकि मेहमान टीम का कप्तान हेड या टेल चुनता है। इसलिए अफगानिस्तान के कप्तान इब्राहिम जादरान सिक्का उछालेंगे और भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर हेड या टेल का फैसला करेंगे।

भारत को मिलेगा विजिटर्स ड्रेसिंग रूम

अरुण जेटली स्टेडियम में दोनों टीमों के लिए अलग-अलग ड्रेसिंग रूम हैं। इस सीरीज में अफगानिस्तान को घरेलू टीम वाला ड्रेसिंग रूम मिलेगा, जबकि भारतीय टीम विजिटर्स ड्रेसिंग रूम का इस्तेमाल करेगी। यह भी भारतीय टीम के लिए घरेलू मैदान पर एक असामान्य अनुभव होगा।

होटल और खाने का खर्च अफगान बोर्ड उठाएगा

सीरीज के दौरान खिलाड़ियों के होटल में ठहरने, भोजन और होटल से स्टेडियम तक आने-जाने से जुड़े खर्च की जिम्मेदारी अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड की होगी। हालांकि खिलाड़ियों के खान-पान को लेकर भारतीय और अफगान टीम अपने-अपने डाइट प्लान के अनुसार व्यवस्था करेंगी। होटल के शेफ टीमों की जरूरत के मुताबिक भोजन तैयार करेंगे।

स्टेडियम और मैच संचालन का खर्च भी अफगानिस्तान पर

घरेलू टीम होने के कारण स्टेडियम से जुड़े खर्च, ग्राउंड स्टाफ, बिजली, सुरक्षा और अन्य लॉजिस्टिक्स की जिम्मेदारी भी अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड की होगी। दिल्ली जिला क्रिकेट संघ ने इस सीरीज के लिए अफगान बोर्ड से स्टेडियम का किराया नहीं लेने का फैसला किया है और मेहमान बोर्ड के साथ सहयोग की बात कही है।

सीरीज से होने वाली कमाई भी अफगान बोर्ड को

इस सीरीज से होने वाली आय का बड़ा हिस्सा अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को मिलेगा। इसमें प्रसारण अधिकार, टिकट बिक्री और स्टेडियम में विज्ञापन से होने वाली कमाई शामिल है। अनुमान के मुताबिक तीन मैचों की सीरीज से अफगान बोर्ड को करीब 20 करोड़ रुपये तक की आय हो सकती है।

इस तरह दिल्ली में होने वाली यह सीरीज सिर्फ भारत-अफगानिस्तान मुकाबले तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक अनोखी परिस्थिति भी दर्ज करेगी। भारतीय टीम अपने ही देश में खेलेगी, लेकिन आधिकारिक तौर पर घरेलू टीम की भूमिका अफगानिस्तान की होगी।

About NW-Editor

Check Also

भारत-रूस रक्षा सहयोग में नई डील की तैयारी, Su-57 पर हो सकती है अहम बातचीत

नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे के बीच दोनों देशों के …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *