कानपुर। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन संपन्न कराने के लिए कानपुर में प्रशासन की ओर से कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। शुक्रवार को शहर के 21 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा में शामिल होने पहुंचे अभ्यर्थियों को प्रवेश देने से पहले कई चरणों में जांच से गुजरना पड़ा।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के मद्देनजर अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र और आधार कार्ड का मिलान किया गया। इसके बाद मेटल डिटेक्टर से तलाशी और बायोमीट्रिक सत्यापन कराया गया। जांच के दौरान छात्राओं के हाथों से कलावा खुलवाया गया। कानों की बालियां, कुंडल, हेयर पिन, चेन, घड़ी और बेल्ट जैसी वस्तुओं को भी बाहर रखवाया गया। वहीं, कई केंद्रों पर छात्रों के जूते और मोजे उतरवाकर भी जांच की गई।
21 केंद्रों पर 18,576 अभ्यर्थी पंजीकृत
कानपुर में पीईटी के लिए कुल 21 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर दो पालियों में कुल 18,576 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित हुई, जबकि दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। पहली पाली के अभ्यर्थियों के लिए सुबह 8 बजे से प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ जुटी रही।
सीसीटीवी और बायोमीट्रिक से निगरानी
परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। परीक्षा कक्षों के साथ-साथ केंद्रों की गतिविधियों पर नियंत्रण कक्ष से लगातार निगरानी की जा रही है। मोबाइल फोन, स्मार्ट घड़ी, ब्लूटूथ, सिक्के और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं को परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। अभ्यर्थियों को सभी जांच प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया।
डीएम ने दो परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कैलाश नाथ बालिका इंटर कॉलेज और जेएनके इंटर कॉलेज पहुंचकर परीक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा इंतजाम, बायोमीट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी कंट्रोल रूम और परीक्षा कक्षों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों पर लगातार निगरानी रखी जाए और प्रत्येक अभ्यर्थी का अनिवार्य रूप से बायोमीट्रिक सत्यापन कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा के संचालन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की निगरानी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा संपन्न कराने की प्रक्रिया जारी रही।
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