कानपुर। उत्तर प्रदेश एटीएस ने साइबर अपराध और देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े एक मामले में कानपुर के युवक अंकित संखवार को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से फर्जी ई-मेल आईडी तैयार कर विदेशों में बैठे लोगों को बेचने का काम कर रहा था। अब तक की जांच में उसके द्वारा चार लाख से अधिक फर्जी ई-मेल आईडी बेचने की बात सामने आई है। इन आईडी का इस्तेमाल कथित तौर पर भारत विरोधी गतिविधियों और धमकी भरे संदेश भेजने में किया जा रहा था।
एटीएस के अनुसार, आरोपी पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्की, मिस्र और अमेरिका सहित कई देशों के लोगों के संपर्क में था। वह फर्जी ई-मेल आईडी के बदले क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से भुगतान प्राप्त करता था। प्रत्येक आईडी के लिए उसे 20 से 50 डॉलर तक मिलते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से विदेशी खरीदारों से संपर्क करता था।
स्कूलों और फिल्मी हस्तियों को भेजी गई थीं धमकियां
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब उत्तर प्रदेश, दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के विभिन्न स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी वाले ई-मेल भेजे गए। इसके अलावा पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ के प्रस्तावित कार्यक्रम तथा उनके घर को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई थी। ई-मेल की जांच के दौरान एटीएस को आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 23 अक्टूबर को मुंबई के मेयर कार्यालय को भी धमकी भरा ई-मेल भेजा गया था। जांच में सामने आया कि इन धमकी भरे संदेशों में इस्तेमाल की गई ई-मेल आईडी आरोपी के लैपटॉप में मौजूद थीं।
प्रॉक्सी नेटवर्क से तैयार करता था फर्जी आईडी
एटीएस की जांच के अनुसार, अंकित वाईफाई और प्रॉक्सी नेटवर्क का इस्तेमाल करके बड़ी संख्या में फर्जी ई-मेल अकाउंट तैयार करता था। इसके बाद फेसबुक के बाय एंड सेल ग्रुप और व्हाट्सएप के जरिए विदेशी लोगों को इनकी जानकारी उपलब्ध कराता था। वह एक्सेल शीट में ई-मेल आईडी, पासवर्ड, रिकवरी मेल और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन से संबंधित जानकारी भेजता था।
पूछताछ में आरोपी ने वर्ष 2021 से यह काम करने की बात स्वीकार की है। बांग्लादेश के एक युवक को भी उसने फर्जी ई-मेल आईडी उपलब्ध कराई थी, जिसके बदले 6000 USDT क्रिप्टोकरेंसी मिलने की जानकारी जांच में सामने आई है।
मोबाइल और लैपटॉप से मिले अहम सबूत
एटीएस ने आरोपी की गिरफ्तारी के दौरान उसका मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किया। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में कई एक्सेल फाइलें और क्रिप्टो वॉलेट से संबंधित जानकारियां मिली हैं। अधिकारियों के मुताबिक, विदेशी मोबाइल नंबरों से हुए क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजैक्शन के साक्ष्य भी मिले हैं। एजेंसियां अब आरोपी के विदेशी संपर्कों और आर्थिक लेनदेन की विस्तृत जांच कर रही हैं।
परिवार को नहीं थी गतिविधियों की जानकारी
दूसरी ओर, आरोपी के परिवार का कहना है कि उन्हें उसकी गतिविधियों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। पिता प्रहलाद संखवार रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि मां सावित्री मजदूरी करती हैं। परिवार के मुताबिक, अंकित ने वर्ष 2020 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण आगे पढ़ाई नहीं कर सका।
परिजनों का कहना है कि अंकित घर पर लैपटॉप और मोबाइल से काम करता था। पूछने पर वह कभी गेम खेलने तो कभी डिजिटल मार्केटिंग और शेयर बाजार से जुड़ा काम करने की बात कहता था। गिरफ्तारी की खबर मिलने के बाद परिवार के लोग परेशान हैं।
फिलहाल यूपी एटीएस इस मामले में आरोपी के विदेशी संपर्कों, फर्जी ई-मेल आईडी के नेटवर्क और धमकी भरे संदेशों के पीछे शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
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