मेघालय की राजनीति में बुधवार को बड़ा बदलाव हुआ। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के आठ विधायक औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और भाजपा नेता संबित पात्रा समेत अन्य नेताओं की मौजूदगी में विधायकों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
इन आठ विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद मेघालय विधानसभा में भाजपा की संख्या 2 से बढ़कर 10 हो गई है। 60 सदस्यीय विधानसभा में इस बदलाव के बाद भाजपा, नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। इससे राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव आया है।
दूसरी ओर, UDP के विधायकों की संख्या 12 से घटकर 4 रह गई है। UDP के आठ विधायकों का भाजपा में जाना पार्टी के लिए विधानसभा में बड़ा संख्यात्मक बदलाव है। यह घटनाक्रम 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले सामने आया है और राज्य में गठबंधन की राजनीति पर भी इसका असर पड़ सकता है।
मेघालय में फिलहाल NPP के नेतृत्व वाली मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (MDA) सरकार है। इस गठबंधन में NPP, UDP और BJP शामिल हैं। आठ UDP विधायकों के भाजपा में जाने के बाद इसी गठबंधन के भीतर राजनीतिक समीकरण भी बदले हैं।
किन मुद्दों को लेकर BJP में शामिल हुए विधायक?
UDP के इन आठ विधायकों के भाजपा में शामिल होने से पहले केंद्रीय नेतृत्व के साथ कई दौर की बातचीत हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, विधायकों की प्रमुख मांगों में खासी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करना, मेघालय में कोयला खनन से जुड़े प्रतिबंधों में बदलाव और Meghalaya Residents Safety and Security Act (MRSSA) को लागू करना शामिल हैं।
BJP में शामिल होने वाले 8 विधायक
रिपोर्ट के अनुसार भाजपा में शामिल होने वाले विधायकों में लखमेन रिम्बुई, पियूस मारवेइन, किर्मेन श्यल्ला, मायरालबोर्न सिएम, मैथ्यू कुर्बाह, ओलन सिंह सुइन, बालाजीद कुपर सिनरेम और सिनशर लिंगदोह थबाह शामिल हैं। इनमें कुछ विधायक पहले राज्य सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
पहले से चल रही थी BJP में जाने की चर्चा
इन विधायकों के भाजपा में शामिल होने की चर्चा पिछले कुछ दिनों से चल रही थी। सितंबर के मध्य में UDP विधायक किर्मेन श्यल्ला और अन्य नेताओं ने केंद्रीय नेतृत्व के साथ बातचीत की पुष्टि की थी। उस समय यह भी कहा गया था कि विधायकों का भाजपा में जाना उनकी स्थानीय मांगों पर केंद्रीय नेतृत्व से मिले आश्वासनों से जुड़ा है।
NPP के बाद BJP के पास 10 विधायक
मेघालय विधानसभा में कुल 60 सीटें हैं। आठ UDP विधायकों के भाजपा में आने से BJP की संख्या दो से बढ़कर 10 हो गई है। NPP के पास 33 विधायक हैं। वहीं UDP के पास अब केवल चार विधायक रह गए हैं। इससे विधानसभा में दलों की संख्या का समीकरण बदल गया है।
MDA सरकार के भीतर भी बदले समीकरण
मेघालय में मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व में NPP की सरकार है और BJP तथा UDP दोनों ही MDA गठबंधन का हिस्सा रहे हैं। UDP के आठ विधायकों के भाजपा में जाने के बाद गठबंधन के भीतर दोनों दलों की विधानसभा में ताकत का अनुपात बदल गया है। इस घटनाक्रम का सरकार और गठबंधन की आगे की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
2028 के विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा घटनाक्रम
यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब मेघालय में अगला विधानसभा चुनाव 2028 में होना है। आठ विधायकों के एक साथ दल बदलने से क्षेत्रीय दल UDP को विधानसभा में बड़ा संख्यात्मक नुकसान हुआ है, जबकि BJP की मौजूदगी मजबूत हुई है। हालांकि आने वाले समय में राज्य की राजनीतिक स्थिति और गठबंधन की भूमिका में क्या बदलाव होंगे, यह आगे के घटनाक्रम पर निर्भर करेगा।
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