प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वर्ष दीपावली का पर्व छत्तीसगढ़ के बस्तर में तैनात सुरक्षाबलों के जवानों के साथ मनाएंगे। इस दौरान वे जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाएंगे और त्योहार की खुशियां साझा करेंगे। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने इस कार्यक्रम की जानकारी दी है।
प्रधानमंत्री मोदी लगातार 13वीं बार दिवाली का त्योहार देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के बीच मनाने जा रहे हैं। उनकी यह पहल सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का प्रतीक मानी जाती है।
इससे पहले वर्ष 2025 में प्रधानमंत्री ने गोवा में स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर नौसैनिकों के साथ दिवाली मनाई थी। इस दौरान उन्होंने समुद्र में तैनात भारतीय नौसेना के जवानों के साथ त्योहार की खुशियां साझा की थीं।
वर्ष 2014 से लेकर 2025 तक प्रधानमंत्री मोदी 12 बार जवानों के साथ दीपावली मना चुके हैं। इन अवसरों पर उन्होंने देश के अलग-अलग सीमावर्ती और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों का दौरा किया। जम्मू-कश्मीर ऐसा क्षेत्र रहा है, जहां प्रधानमंत्री सबसे अधिक तीन बार दिवाली मनाने पहुंचे। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में भी वे दो-दो बार जवानों के बीच दीपावली का पर्व मना चुके हैं।
बस्तर में जवानों के बीच पहुंचने का खास महत्व
छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र लंबे समय से नक्सलवाद की चुनौती से प्रभावित रहा है। यहां तैनात सुरक्षा बलों के जवान कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। जंगलों और दुर्गम इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना उनके लिए बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में प्रधानमंत्री का दिवाली के अवसर पर जवानों के बीच पहुंचना उनके योगदान को सम्मान देने और मनोबल बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जवानों के साथ त्योहार मनाने की परंपरा को आगे बढ़ा रहे पीएम
प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने दीपावली के अवसर पर सैनिकों के बीच पहुंचने की परंपरा शुरू की थी। उनका मानना रहा है कि देशवासी जब अपने परिवारों के साथ त्योहार मनाते हैं, तब सीमाओं और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात जवान देश की सुरक्षा में जुटे रहते हैं। ऐसे में उनके साथ त्योहार मनाना देश के प्रति उनके समर्पण को सम्मान देने का एक माध्यम है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में जवानों का बढ़ाते रहे हैं हौसला
पिछले वर्षों में प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और अन्य महत्वपूर्ण सैन्य क्षेत्रों का दौरा कर जवानों के साथ दीपावली मनाई है। इन दौरों के दौरान उन्होंने सैनिकों से बातचीत की, उनका हालचाल जाना और देश की सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की।
प्रधानमंत्री का बस्तर दौरा इस लिहाज से भी चर्चा में है कि इस बार दीपावली का उत्सव देश के एक ऐसे क्षेत्र में मनाया जाएगा, जहां सुरक्षा बल नक्सलवाद के खिलाफ अभियान और क्षेत्र में शांति स्थापित करने के प्रयासों में अहम भूमिका निभा रहे हैं। जवानों के बीच प्रधानमंत्री की मौजूदगी से त्योहार के अवसर पर सुरक्षा बलों में विशेष उत्साह देखने की उम्मीद है।
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