महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे को बड़ा सियासी झटका लगता नजर आ रहा है. पिछले एक हफ्ते से चल रही बागी सांसदों की अटकलों पर अब विराम लग चुका है. शिवसेना UBT के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 ने पार्टी छोड़कर एक अलग गुट बनाने का फैसला किया है. बुधवार (17 जून) को बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर उन्हें शिवसेना UBT से अलग गुट के रूप में मान्यता देने की मांग की है.
कौन-कौन हैं बगावती सांसद?
शिवसेना यूबीटी के जिन सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखा है, उनमें संजय जाधव, संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टिकर, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय दीना पाटिल शामिल हैं. UBT के 9 सांसदों में से 6 सांसदों ने अलग रुख अपनाते हुए यह कदम उठाया है, जबकि बाकी 3 सांसद अभी भी उद्धव ठाकरे के साथ बने हुए हैं.
6 सांसद शिंदे गुट के साथ
महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (यूबीटी) को बड़ा नुकसान हुआ है. पार्टी के 9 सांसदों में से 6 सांसदों ने बुधवार सुबह लोकसभा स्पीकर को पत्र सौंपकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ जाने का फैसला किया. जानकारी के मुताबिक, ये सांसद नांदेड़, पुणे और मुंबई से निजी विमान के जरिए दिल्ली पहुंचे. उनके साथ शिंदे गुट का एक वरिष्ठ नेता भी मौजूद था. दिल्ली पहुंचने के बाद सभी सांसदों ने स्पीकर को अपना समर्थन पत्र सौंप दिया. इससे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी को बड़ा झटका माना जा रहा है.
बचे 3 सांसद प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए नजर
शिवसेना (UBT) में संभावित बगावत की चर्चाओं के बीच दिल्ली में संजय राउत के आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई. इस दौरान अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे मौजूद रहे. पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से सिर्फ 3 सांसदों का वहां पहुंचना राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर रहा है.
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