लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्रा निकाली। इस दौरान भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर जमकर निशाना साधा। पदयात्रा में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक भाजपा के झंडे लेकर सड़कों पर उतरे और विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी की।
पदयात्रा में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। यह पदयात्रा लोकभवन से शुरू होकर हजरतगंज स्थित परिवर्तन चौक तक पहुंची। भाजपा ने इसमें 30 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा किया।
लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी खुद वोट चोरी के आरोप लगा रही है, जबकि इतिहास में उसने भी ऐसा किया है। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पटेल को प्रधानमंत्री बनने से रोककर नेहरू ने सत्ता हासिल की थी।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि इंडिया गठबंधन ने देश को अराजकता की ओर धकेलने का प्रयास किया है। संसद में अपनी बात रखने के बजाय कुछ लोग सड़कों पर उतरकर आम जनता को परेशान कर रहे हैं। भाजपा पदयात्रा के माध्यम से विपक्ष की राजनीति को जनता के सामने उजागर करेगी।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र को अपने कब्जे में लेने का प्रयास कर रहा है, लेकिन देश संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुसार ही चलेगा। वहीं विधायक राजेश्वर सिंह ने कांग्रेस पर देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।
भाजपा नेताओं के मुताबिक, यह अभियान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों और वोट चोरी के आरोपों के जवाब में शुरू किया गया है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए SIR जरूरी है।
विपक्ष ने भाजपा के अभियान पर उठाए सवाल
भाजपा की पदयात्रा को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने इसे दिखावा और राजनीतिक ड्रामा बताया। सपा नेता एसटी हसन ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम गायब हुए हैं। वहीं कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भाजपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया।
भाजपा का यह अभियान 22 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक चलाया जा रहा है। इसके तहत पार्टी विभिन्न क्षेत्रों में पदयात्राओं और जनसंपर्क कार्यक्रमों के जरिए विपक्ष के आरोपों का जवाब देने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जागरूकता फैलाने की कोशिश कर रही है।
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