लखनऊ। राजधानी लखनऊ में छेड़छाड़ से परेशान 11वीं कक्षा की एक छात्रा की मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। घटना ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के साथ ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रा की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का आरोप है कि समय रहते पुलिस कार्रवाई करती तो शायद यह दुखद घटना टल सकती थी।
जानकारी के मुताबिक, छात्रा काफी समय से कथित तौर पर छेड़छाड़ की घटनाओं से परेशान थी। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस से कई बार की थी। छात्रा के पिता आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर लगातार थाने और पुलिस चौकी के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उनकी शिकायत पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
बताया जा रहा है कि लगातार मानसिक तनाव और परेशानियों के बीच छात्रा ने अपनी जान दे दी। बेटी की मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों ने पुलिस की लापरवाही को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब परिवार की ओर से लगातार शिकायतें की जा रही थीं, तो उन पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई। किसी भी छात्रा या महिला की सुरक्षा से जुड़ी शिकायत को गंभीरता से लेना पुलिस की जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में शुरुआती स्तर पर ही प्रभावी कदम उठाए जाने से पीड़ित को सुरक्षा और न्याय का भरोसा मिल सकता है।
परिजनों का कहना है कि वे अपनी बेटी की परेशानी को लेकर लगातार पुलिस अधिकारियों से गुहार लगा रहे थे। इसके बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल सका। अब छात्रा की मौत के बाद परिवार पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहा है।
चौकी प्रभारी निलंबित, विभागीय जांच के संकेत
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने संबंधित चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई को पुलिस की प्रारंभिक जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों की ओर से पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका और शिकायतों पर की गई कार्रवाई की पड़ताल किए जाने की बात सामने आई है।
जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि परिजनों ने शिकायत कब और किस अधिकारी के सामने दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने क्या कदम उठाए और यदि कार्रवाई में देरी हुई तो इसके लिए कौन जिम्मेदार था। इन सभी बिंदुओं की जांच से मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर फिर उठी चिंता
इस घटना ने स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। अभिभावकों का मानना है कि छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को शुरुआत में ही गंभीरता से लिया जाना चाहिए। पीड़ित छात्राओं को बिना किसी डर के शिकायत करने का माहौल मिलना जरूरी है।
महिला सुरक्षा से जुड़े अभियानों के साथ-साथ पुलिस को शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, संवेदनशील व्यवहार और नियमित निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए। खासकर नाबालिग बच्चियों से जुड़े मामलों में उनकी पहचान और निजता की रक्षा करना भी बेहद जरूरी है।
फिलहाल इस दुखद घटना के बाद परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में शिकायतों की अनदेखी की पुष्टि होती है या नहीं और इस मामले में आगे किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
News Wani
