– सर्राफा कारोबारी पप्पन रस्तोगी, आनंद स्वरूप रस्तोगी, बृजेश सोनी, मोनू रस्तोगी व रमेश सोनी।
फतेहपुर। सर्राफा एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष पप्पन रसोगी का कहना रहा कि एक वर्ष के लिए सोने की खरीद को न करने की पीएम की अपील के बाद सर्राफा कारोबारियों की दुकाने ग्राहकों से सूनी है। दुकानों का भाड़ा, बिजली का बिल कर्मचारियों का वेतन जैसी समस्याओं से सर्राफा कारोबारी चिंतित है। अपने परिवार का भरण पोषण व बच्चों की पढ़ाई फीस फीस व इलाज आदि की समस्याओं को लेकर बेहद परेशान हैं। व्यापारियों के हिट में निर्णय न होने की दशा में संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के द्वारा कोई निर्देश आने के बाद जिला स्तरीय कार्यक्रम तय होने की बात कही। उधर सर्राफा कारोबारी अनांद स्वरूप रस्तोगी देश हित मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर समर्थन जताते हैं। साथ ही सरकार से अन्य विकल्पों पर भी विचार करने की अपील करते है। जिसमे लोगों के पास निवेश के लिए रखे हुए सोने के बदले बांड जारी करने व उसे जब चाहे करंट रेट पर बेचने की सहूलित हो। पीएम की अपील पर बताया कि शादी ब्याह पर सोने के अभूषद परंपरा का हिस्सा है। प्रतिबन्ध के बाद भी लोग खरीद करेंगे जिस पर कार्रवाई होगी। निर्णय से कारखानों में काम कर रहे कारीगरों व प्रतिष्ठानों के कर्मियों में बेरोजगारी बढ़ेगी। सरकार कारोबारियों को बुलाकर कोई समाधान निकाले। सर्राफा कारोबारी रमेश सोनी ने बताया कि पीएम की अपील के बाद उनका सर्राफा का कारोबार थम सा गया है। इसी तरह चलता रहा तो उनके व परिवार को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। सरकार को स्वर्णकारों से मिलकर कोई समाधान निकालना चाहिये। उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ के जिलाध्यक्ष बृजेश सोनी ने बताया कि जिले में एक हज़ार से अधिक आभूषण कारीगर है जो एक हज़ार से लेकर पांच सौ रुपये प्रतदिन पर काम करते है। पीएम की अपील के बाद ग्राहकों ने सोने की दुकानों में खरीद रोक दी है। पीएम की अपील के सर्राफा कारोबारी के साथ कारीगर, प्रतिष्ठानों में काम करने वाला कर्मचारी भी प्रभावित होगा। प्रधानमंत्री की अपील के बाद सरकार को सराफा कारोबारियों की समस्याओं को सुनना चाहिये। आर्थिक समस्याओं को देखते हुए, बच्चों की फीस चिकित्सा आदि के लिए कोई पैकेज दिया जाना चाहिये। दुकानों का किराया बिजली का बिल से राहत होनी चाहिये। सरकार से मांग के लिए संगठन की ओर से किसी तरह की पहल पर बताया कि शीर्ष नेतृत्व समस्याओं पर गंभीर है जल्द ही कोई निर्णय लेंगे उसके बाद ही कई रणनीति तय होगी। हरिओम ज्वैलर्स के संचालक मोनू रस्तोगी ने बताया कि वह प्रधानमंत्री की सभी अपील पर उनके साथ है कोई भी निर्णय सर्राफा कारोबारियों के साथ बैठकर ही होना चाहिये था। ऐसी अपील से दुकानदारों के साथ ही उनके छोटे कर्मचारी प्रभावित होंगे। छोटे कारोबारियों के सामने दुकानों का भाड़ा व वेतन जैसी समस्याएं आएगी। उन्होंने सरकार की ओर से जल्द ही कोई समाधान मिलने व राहत दिए जाने की उम्मीद जताई।

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