– हाईकोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद परिवार समेत बदल रहा था ठिकाने
– सुसाइड नोट में नाम आने के बाद गिरफ्तारी के डर से फरार हुआ था आरोपी
– पत्रकारों से वार्ता करते एसपी अभिमन्यु मांगलिक एवं पीछे खड़ा आरोपी।
फतेहपुर। जनपद के चर्चित ट्रिपल सुसाइड कांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना कोतवाली में दर्ज मु0अ0सं0 77/2026 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में वांछित चल रहे पचास हजार रुपये के इनामी अभियुक्त राहुल श्रीवास्तव को पुलिस ने मथुरा-वृंदावन क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
मंगलवार को पुलिस लाइन स्थित सम्मेलन कक्ष में पत्रकार वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने मामले का खुलासा करते हुए गिरफ्तारी की जानकारी दी। एसपी ने बताया कि 11 मार्च को थाना कोतवाली क्षेत्र में एक अत्यंत संवेदनशील घटना सामने आई थी, जिसमें अमर श्रीवास्तव, उनकी माता और चाचा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रयागराज जोन के एडीजी और आईजी ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया था। घटनास्थल से रक्तरंजित ब्लेड, सल्फास के पाउच, केमिकल का डिब्बा तथा दो गिलास बरामद हुए थे, जिनसे सल्फास की गंध आ रही थी। मौके से मृतक अमर श्रीवास्तव द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट भी मिला था। जांच में सामने आया कि अमर श्रीवास्तव भारी कर्ज में डूबे हुए थे और कुछ लोगों द्वारा उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। साथ ही एससी/एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी भी दी जा रही थी। पुलिस के अनुसार सुसाइड नोट में कई लोगों के नाम दर्ज थे, जिसके आधार पर वादी सुशील कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर थाना कोतवाली में धारा 108 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में नामजद चार आरोपी पप्पू उर्फ दिलीप त्रिवेदी, संजय सिंह, शुभम और सोनू कुमार रैदास को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, जबकि राहुल श्रीवास्तव फरार चल रहा था। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने पहले 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। जिसे बाद में पुलिस महानिरीक्षक प्रयागराज परिक्षेत्र द्वारा बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया। पुलिस और सर्विलांस टीम लगातार उसकी लोकेशन ट्रेस करने में जुटी थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि राहुल श्रीवास्तव अपने परिवार के साथ मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में रह रहा है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए थाना कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर सोमवार रात परिक्रमा मार्ग श्याम कुटी के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्त राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि उसने मृतक अमर श्रीवास्तव को लगभग एक लाख रुपये उधार दिए थे और वह लगातार रुपये वापस करने का दबाव बना रहा था। घटना वाले दिन भी उसने फोन पर रुपये वापस मांगने की कोशिश की थी। बाद में जब उसे ट्रिपल सुसाइड की जानकारी हुई और सुसाइड नोट में अपना नाम होने का पता चला तो वह गिरफ्तारी के डर से परिवार सहित फरार हो गया। आरोपी ने कानपुर, प्रयागराज समेत कई स्थानों पर छिपकर समय बिताया तथा मोबाइल और सिम कार्ड भी बदल लिए थे। उसने न्यायालय में आत्मसमर्पण और जमानत के लिए प्रार्थना पत्र भी दाखिल किए थे, लेकिन सभी निरस्त हो गए थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी राहुल श्रीवास्तव पुत्र अशोक कुमार श्रीवास्तव निवासी सुंदरनगर कॉलोनी थाना कोतवाली को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक हेमंत मिश्रा, उपनिरीक्षक गिरीशधर दुबे, कांस्टेबल आशीष कुमार, अनीश दीक्षित, देवेंद्र कुमार तथा सर्विलांस सेल प्रभारी निरीक्षक शैलेश सिंह अपनी टीम के साथ शामिल रहे।

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