न्यूज़ वाणी ब्यूरो, बांदा। जनगणना कार्य में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने से बांदा जिले के सैकड़ों परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। कुछ विद्यालयों के समस्त शिक्षकों को जनगणना कार्य में तैनात किए जाने से स्कूलों के बंद रहने या आंशिक रूप से संचालित होने की स्थिति बन सकती है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ ही मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) व्यवस्था पर भी असर पड़ने की संभावना है।
जनगणना के द्वितीय चरण का कार्य 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 के बीच संपन्न होना है। जिला प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने के दौरान कुछ विद्यालयों के पूरे स्टाफ को जिम्मेदारी सौंपे जाने पर आपत्ति जताई गई है।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष पंकज सिंह ने बताया कि विभाग को पत्र के माध्यम से कई बार प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों की ड्यूटी नहीं लगाने के संबंध में अवगत कराया गया था। इसके बावजूद कुछ विद्यालयों के सभी शिक्षकों की ड्यूटी एक साथ लगा दी गई है। उनका कहना है कि इस व्यवस्था से विद्यालयों का नियमित संचालन प्रभावित हो सकता है।
स्कूल बंद होने और मिड-डे मील व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका
शिक्षकों की सामूहिक तैनाती के कारण संबंधित विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई बाधित होने के साथ मध्याह्न भोजन योजना का संचालन भी प्रभावित हो सकता है। ऐसी स्थिति में विद्यालयों के संचालन को लेकर शिक्षकों के सामने व्यावहारिक समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।
कार्रवाई होने पर आंदोलन की चेतावनी
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष पंकज सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि पूरे स्टाफ की ड्यूटी लगाए जाने के कारण विद्यालय बंद रहने या मिड-डे मील व्यवस्था संचालित न हो पाने जैसी परिस्थितियां बनती हैं और इसके लिए किसी शिक्षक या शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, तो महासंघ आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
अब शिक्षकों की ड्यूटी व्यवस्था को लेकर विभागीय स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर शिक्षकों और अभिभावकों की नजर बनी हुई है।
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