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अजय देवगन के नाम से जुड़े बंगले पर BMC की कार्रवाई का दावा, एक्टर की टीम ने खबरों को बताया गलत

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन के नाम से जुड़े मुंबई के जुहू स्थित एक बंगले में कथित अवैध निर्माण को लेकर नगर निगम की कार्रवाई चर्चा में है। सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने बिना जरूरी अनुमति किए गए निर्माण को हटाने की कार्रवाई की। हालांकि, अभिनेता की टीम ने इस खबर का खंडन करते हुए कहा है कि BMC की टीम अजय देवगन के बंगले पर नहीं पहुंची थी।

नोटिस के बाद कार्रवाई किए जाने की बात आई सामने

रिपोर्टों के अनुसार, जुहू स्थित कपोल कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में बने बंगले में अंदरूनी बदलाव, पार्टीशन की दीवारों और खिड़कियों से संबंधित निर्माण कार्य किए जाने का आरोप है। बताया गया है कि BMC ने 10 सितंबर 2026 को मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा 354A के तहत नोटिस जारी कर काम रोकने और जरूरी दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया था।

आरोप है कि नोटिस के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा, जिसके बाद नगर निगम ने कथित अनधिकृत निर्माण के कुछ हिस्सों को हटाया। हालांकि, कार्रवाई को लेकर सामने आई जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अजय देवगन की टीम ने किया खबरों का खंडन

अजय देवगन के जनसंपर्क प्रतिनिधि पराग देसाई ने इन खबरों को गलत बताया। उनके अनुसार, नगर निगम की टीम अभिनेता के बंगले पर नहीं आई थी। उन्होंने बताया कि जिस संपत्ति को लेकर खबरें सामने आई हैं, वह अजय देवगन के घर से कुछ दूरी पर स्थित है और उसे किराए पर दिया गया है।

टीम के मुताबिक, संभव है कि संबंधित संपत्ति में किसी तरह की अनियमितता मिलने के बाद नगर निगम ने कार्रवाई की हो। इस मामले में आधिकारिक बयान जारी किए जाने की बात भी कही गई थी।

बंगले को व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए देने पर विवाद

जानकारी के मुताबिक, 10 अगस्त 2026 को देवगन परिवार ने जुहू स्थित बंगले को फ्लोरियन हुरेल सैलून्स प्राइवेट लिमिटेड को पांच साल की लीज पर दिया था। रिपोर्ट में इस सौदे की कीमत 10.61 करोड़ रुपये और शुरुआती मासिक किराया 16 लाख रुपये बताया गया है।

इस संपत्ति में सैलून और स्पा शुरू करने की योजना थी। हालांकि, आवासीय सोसाइटी के कुछ सदस्यों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि रिहायशी क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां शुरू होने से यातायात, पार्किंग और सुरक्षा संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

सोसाइटी ने BMC से की थी शिकायत

बताया गया है कि सोसाइटी ने 22 जुलाई 2026 को बंगले को किराए पर देने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) दिया था। हालांकि, सोसाइटी का पक्ष था कि यह अनुमति व्यावसायिक गतिविधियों या भवन में संरचनात्मक बदलाव के लिए नहीं थी।

सोसाइटी ने कथित निर्माण और व्यावसायिक इस्तेमाल से जुड़ी मंजूरियां पेश करने के लिए देवगन परिवार को 15 दिन का समय दिया था। आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए सोसाइटी ने 8 सितंबर 2026 को BMC से शिकायत की थी।

फिलहाल, इस मामले में सामने आई जानकारी और अभिनेता की टीम के खंडन के बीच संबंधित संपत्ति की पहचान तथा नगर निगम की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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