फतेहपुर। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली स्थल के कथित शुद्धिकरण और इसके विरोध में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर कांग्रेसियों का गुस्सा फूट पड़ा। जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय ज्वालागंज से विरोध मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मामले में कड़ा विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष महेश द्विवेदी ने कहा कि भाजपा सरकार एक ओर खुद को दलितों और वंचितों की हितैषी बताती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे कृत्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो संविधान की मूल भावना के विपरीत हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम स्थल का कथित शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय राहुल गांधी के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी गई।
शहर अध्यक्ष मो. आरिफ गुढ़ा ने कहा कि इस घटना ने भाजपा और आरएसएस की कथित छुआछूत की मानसिकता को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी ऐसी मानसिकता का बने रहना बेहद निंदनीय है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान में प्रत्येक नागरिक को समानता और सम्मान का अधिकार दिया गया है, जबकि छुआछूत जैसी मानसिकता संविधान की भावना के खिलाफ है। कांग्रेस हमेशा छुआछूत का विरोध करती रही है और आगे भी इसके खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।
विरोध मार्च में वरिष्ठ नेता शेख एजाज अहमद, सुधाकर अवस्थी, राजेंद्र लोधी, राजीव लोचन निषाद, इंजीनियर देवी प्रकाश दुबे, आदित्य श्रीवास्तव, राम नरेश महराज, सैयद सहाब अली, चौधरी मोइन राइन, निजामुद्दीन, ओम प्रकाश कोरी, अजय बच्चा, इशरत खान, राजू, अब्दुल रज्जाक, उस्मान बेग, नजमी कदर, अमीरुज्जमा खान, धर्मेंद्र सिंह, हम्माद हुसैन, नाजिम राइन समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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