फतेहपुर। समाज में समान अवसर और निष्पक्ष न्याय व्यवस्था की मांग को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की जिला इकाई ने आवाज बुलंद की। जिला अध्यक्ष विजय सिंह गौर के नेतृत्व में जिलाधिकारी के माध्यम से भारत सरकार को मांगपत्र भेजकर आरक्षण व्यवस्था में बदलाव समेत चार प्रमुख मांगें उठाई गईं।
महासभा ने कहा कि संगठन समाज के सभी वर्गों में समानता, न्याय और भाईचारे की भावना के साथ कार्य करता है। देश के प्रत्येक नागरिक को समान अवसर और अधिकार मिलना चाहिए।
आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग
मांगपत्र में महासभा ने जातीय आधार के स्थान पर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग की। संगठन का कहना है कि आरक्षण का आधार व्यक्ति की आर्थिक स्थिति हो, जिससे वास्तव में जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके और सभी वर्गों को समान अवसर उपलब्ध हो सकें।
महासभा ने यूजीसी संशोधन बिल-2026 को वापस लेने की मांग भी की। संगठन का कहना है कि विद्यार्थियों और समाज में समरसता की भावना बनाए रखने के लिए सरकार को इस विषय पर पुनर्विचार करना चाहिए।
इसके अलावा मांगपत्र में एससी/एसटी एक्ट में बदलाव अथवा इसे समाप्त करने की मांग भी उठाई गई। महासभा ने दावा किया कि ऐसे प्रावधानों के कारण समाज में विभाजन की स्थिति उत्पन्न होती है। संगठन ने सरकार से इस संबंध में आवश्यक सुधार किए जाने की मांग की।
सवर्ण आयोग के गठन की मांग
महासभा ने सवर्ण समाज के लिए अलग आयोग गठित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। संगठन ने स्पष्ट किया कि उसकी मांगें किसी जाति या वर्ग के विरोध में नहीं हैं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समानता, न्याय और समान अवसर वाली व्यवस्था स्थापित करने के उद्देश्य से उठाई गई हैं।
इस मौके पर नागेंद्र सिंह चौहान, आरपी सिंह भदौरिया, संजय सिंह, समरवीर सिंह, अंगद सिंह चंदेल, अमित परिहार, डॉ. अभिषेक सिंह, रंजना सिंह, तिलक राज, मधु सिंह, लक्ष्मी सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, पंकज तोमर, रवि परिहार, अभिमन्यु ठाकुर, मदन सिंह और राघवेंद्र चौहान समेत अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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