चौड़गरा, फतेहपुर। एक बार फिर अशिक्षा और पारिवारिक खींचतान की कीमत एक बालिका वधू को जान देकर चुकानी पड़ी। महज 15 वर्षीय दुल्हन ने प्रसव के चौबीस घंटे बाद दम तोड़ दिया। मामले में पुलिस की लापरवाही के आरोप भी सामने आए हैं। परिजनों का आरोप है कि मामला पुलिस के संज्ञान में होने के बावजूद समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते नाबालिग बालिका वधू की जान चली गई।
कल्याणपुर थाना क्षेत्र का मामला
कल्याणपुर थाना क्षेत्र के दूधीकगार गांव निवासी मंझली की पुत्री अंतिम (नाम परिवर्तित) को क्या पता था कि महज 14 वर्ष की उम्र में हुई शादी आगे चलकर उसकी जिंदगी के अंत का कारण बन जाएगी।
बताया गया कि बीते वर्ष अंतिम का अपने पारिवारिक रिश्ते में भाई जसवीर पुत्र छेदालाल के साथ प्रेम प्रसंग हो गया था। इससे चिंतित होकर उसके पिता मंझली ने अपने भाई गोरेलाल के साथ मिलकर अंतिम की शादी कानपुर नगर के बिठूर थाना क्षेत्र निवासी एक युवक से कर दी।
रक्षाबंधन का त्योहार मनाने के लिए अंतिम अपने मायके दूधीकगार आई थी। इसी दौरान वह दोबारा जसवीर के संपर्क में आई और उसके प्रेमजाल में फंसकर उसके साथ चली गई। परिजनों ने कल्याणपुर थाने में तहरीर दी। पुलिस हरकत में तो आई, लेकिन मुकदमा दर्ज करने के बजाय बिना लिखापढ़ी के ही अंतिम की तलाश शुरू कर दी।
बाद में अंतिम और जसवीर को पुलिस ने पकड़ लिया। हालांकि, लोकलाज और सामाजिक दबाव से बचने के लिए कुछ संभ्रांत लोगों के बीच इस बात पर समझौता करा दिया गया कि अंतिम को ढूंढने में मंझली का जो भी खर्च हुआ है, उसे जसवीर के पिता वहन करेंगे। समझौते के बाद अंतिम कुछ दिनों बाद जसवीर के घर पर ही रहने लगी।
परिजनों ने दोबारा कल्याणपुर थाने में प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन उस समय किसी को यह जानकारी नहीं थी कि अंतिम की उम्र महज 14 वर्ष थी। पुलिस की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद गोरेलाल ने न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर प्रार्थना पत्र दिया। समय बीतता गया और मामले में पुलिस की कथित लापरवाही का आरोप सामने आता रहा।
इसी दौरान जसवीर और अंतिम के बीच संबंध बने, जिसके परिणामस्वरूप अंतिम गर्भवती हो गई।
प्रसव के दौरान बिगड़ी हालत
बीते शनिवार सुबह अंतिम के पेट में प्रसव पीड़ा शुरू हुई। जसवीर के परिजनों ने उसे गोपालगंज पीएचसी में प्रसव के लिए भर्ती कराया। वहां ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स ने बताया कि जब परिजनों से जांच रिपोर्ट और आधार कार्ड मांगा गया तो उनके पास कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं था।
नाबालिग होने और हालत अधिक नाजुक होने के कारण प्रसव कराना ही एकमात्र विकल्प था। प्रसव के दौरान मृत बच्चे का जन्म हुआ। प्रसव के बाद जच्चा की हालत में सुधार नहीं हुआ। स्थिति को देखते हुए अंतिम को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने जांच कराई, जिसमें उसका हीमोग्लोबिन महज 6 प्रतिशत पाया गया। डॉक्टरों ने परिजनों को तत्काल खून चढ़ाने की सलाह दी।
आरोप है कि खून चढ़ाने की बात सुनकर जसवीर की मां मधु भड़क उठी और इलाज पूरा कराए बिना अंतिम को घर ले आई।
झाड़-फूंक के चक्कर में गई जान
सूत्रों के अनुसार, अगले दिन सुबह अंतिम को अचानक रक्तस्राव शुरू हो गया। अस्पताल ले जाकर बेहतर इलाज कराने के बजाय जसवीर की मां मधु की अगुवाई में परिजनों ने झाड़-फूंक से उसे ठीक कराने का प्रयास किया और एक बाबा के पास ले गए।
बताया गया कि झाड़-फूंक से भी अंतिम को कोई राहत नहीं मिली। हालत लगातार बिगड़ती गई और आखिरकार सांसों से जूझते हुए 15 वर्षीय बालिका वधू की मौत हो गई।
अंतिम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। किसी व्यक्ति ने पुलिस को घटना की सूचना दी। कल्याणपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बताया जा रहा है कि जल्दबाजी में रात के अंधेरे में जसवीर और उसके परिजनों ने अंतिम के शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया।
अब अंतिम के पिता ने कल्याणपुर थाने में तहरीर दी है, जिसमें जसवीर और उसके परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
थानाध्यक्ष तुषार श्रीवास्तव ने बताया कि पंचनामा की कार्रवाई के बाद मृतका का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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