फतेहपुर। धान की कटाई के दौरान फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना की अध्यक्षता में कंबाइन हार्वेस्टर स्वामियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्पष्ट चेतावनी दी गई कि बिना फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र के धान की कटाई करते पाए जाने पर संबंधित कंबाइन हार्वेस्टर को तत्काल सीज किया जाएगा। मशीन स्वामी को अपने खर्च पर आवश्यक यंत्र लगवाने के बाद ही संचालन की अनुमति दी जाएगी।
बैठक में उप कृषि निदेशक ने शासन के दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि धान की कटाई के दौरान कंबाइन हार्वेस्टर के साथ सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस), स्ट्रॉ रीपर, स्ट्रॉ रेक, बेलर अथवा अन्य अनुमन्य फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र का प्रयोग अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि निर्धारित व्यवस्था के बिना धान की कटाई करते पाए जाने पर सीज की कार्रवाई के साथ पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति और अर्थदंड लगाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विधिक कार्रवाई भी की जाएगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों की जानकारी न होने का बहाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में अनुपस्थित कंबाइन हार्वेस्टर स्वामियों को भी नियमों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश उप कृषि निदेशक और जिला कृषि अधिकारी को दिए गए।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि जनपद में पंजीकृत सभी कंबाइन हार्वेस्टर के साथ कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों को संबद्ध किया जा रहा है। संबंधित कर्मचारी अपनी निगरानी में यह सुनिश्चित करेंगे कि कंबाइन हार्वेस्टर से फसल की कटाई निर्धारित फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र के साथ ही कराई जाए।
अधिकारियों ने कंबाइन हार्वेस्टर स्वामियों और किसानों से पराली न जलाने की अपील की। साथ ही कृषि यंत्रों और वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने पर जोर दिया गया।
बैठक में उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी तथा एक सैकड़ा से अधिक कंबाइन हार्वेस्टर स्वामी मौजूद रहे।
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