– मरीजों से जाना हाल, बाहर की दवा लिखने पर सख्त निर्देश
– जिला अस्पताल का निरीक्षण करतीं डीएम व साथ में सीडीओ।
फतेहपुर। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स व मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना ने गुरुवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों और विभागों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं की पड़ताल की तथा मरीजों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पंजीकरण कक्ष पहुंचकर पुरुष एवं महिला मरीजों की संख्या और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने कंसोल कक्ष, एआरटी सेंटर और सिटी स्कैन कक्ष का निरीक्षण किया। अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों से बातचीत कर उपचार और सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। महिला वार्ड में पहुंचकर डीएम ने फायर सेफ्टी, पेयजल, वायरिंग, पंखों की स्थिति समेत अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि भर्ती मरीजों को समय पर भोजन और सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। एनआईसीयू वार्ड में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के साथ रजिस्टर भी चेक किया गया। आयुष्मान वार्ड और ऑपरेशन थिएटर का निरीक्षण करते हुए उन्होंने चिकित्सकों की उपलब्धता और ओपीडी व्यवस्था की जानकारी ली। लेबर रूम के निरीक्षण के दौरान इंचार्ज द्वारा प्रतिमाह लगभग तीन सौ डिलीवरी होने की जानकारी देने पर जिलाधिकारी ने संस्थागत प्रसव बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी आशाओं को चिन्हित किया जाए जिन्होंने पिछले महीने एक भी डिलीवरी नहीं कराई है। इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में मशीनों की कार्यशीलता और होने वाले टेस्टों की जानकारी ली गई। रक्त केंद्र में होने वाली जांचों की भी समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान आरईडी द्वारा निर्मित एनआरसी भवन का अवलोकन कर अधिशासी अभियंता द्वारा कराए गए कार्यों की सराहना की गई। जिलाधिकारी ने जन औषधि केंद्र का निरीक्षण करते हुए दवाओं के वितरण की जानकारी ली और चिकित्सकों को सख्त निर्देश दिए कि मरीजों के पर्चे पर बाहर की दवाएं न लिखी जाएं। इस दौरान सीएमएस डॉ. राजेश कुमार समेत स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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