दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव को लेकर प्रचार अभियान अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। 18 सितंबर को मतदान होगा, जबकि 19 सितंबर को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। इस बार चुनाव में छात्रों के बीच हॉस्टल की कमी, महंगे PG, महिला सुरक्षा, बाहरी लोगों की एंट्री और पढ़ाई प्रभावित होने जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए हैं।
DU के नॉर्थ और साउथ कैंपस में छात्रों से बातचीत के दौरान कई विद्यार्थियों ने कहा कि चुनाव के दौरान होने वाला शोर-शराबा और भारी भीड़ उनकी पढ़ाई को प्रभावित करती है। वहीं, बड़ी संख्या में छात्र हॉस्टल की कमी के कारण निजी PG में रहने को मजबूर हैं, जिससे उनकी पढ़ाई का खर्च काफी बढ़ जाता है।
हॉस्टल और सुरक्षा पर छात्रों का जोर
साउथ कैंपस के छात्रों ने महिला सुरक्षा और कैंपस में बाहरी लोगों की मौजूदगी को लेकर चिंता जताई। कुछ विद्यार्थियों ने चुनाव प्रचार के दौरान बड़ी गाड़ियों, भीड़ और तेज आवाज में नारेबाजी से होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया।
छात्रों के मुताबिक, DU में पर्याप्त हॉस्टल उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें आसपास के इलाकों में PG लेना पड़ता है। किराए के साथ बिजली और अन्य खर्च जुड़ने से पढ़ाई का कुल खर्च बढ़ जाता है। कुछ छात्रों ने विश्वविद्यालय से अधिक मान्यता प्राप्त हॉस्टल विकसित करने की मांग की।
नॉर्थ कैंपस में भी PG का खर्च बड़ा मुद्दा
नॉर्थ कैंपस में पढ़ने वाले छात्रों के बीच भी हॉस्टल की कमी चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। विद्यार्थियों का कहना है कि कई इलाकों में डबल शेयरिंग कमरे के लिए भी हजारों रुपये किराया देना पड़ता है। इसके अलावा बिजली और अन्य शुल्क अलग से लिए जाते हैं।
छात्रों ने कॉलेजों में क्लास की टाइमिंग, कैंटीन, इंफ्रास्ट्रक्चर और कैंपस सुविधाओं में सुधार की जरूरत भी बताई।
उम्मीदवारों के एजेंडे में हॉस्टल और महिला सुरक्षा
इस चुनाव में अलग-अलग छात्र संगठनों के उम्मीदवारों ने भी हॉस्टल, सुरक्षा और छात्रों की सुविधाओं को अपने प्रमुख मुद्दों में शामिल किया है।
ABVP के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार यश डबास ने हर छात्र को हॉस्टल उपलब्ध कराने और छात्राओं के लिए अलग हॉस्टल की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने PG और हॉस्टल की सुरक्षा जांच कराने की बात कही।
NSUI उम्मीदवार विजय शंकर मीणा ने हॉस्टल की कमी, निजी PG के किराए, छात्राओं के लिए मेन्स्ट्रुअल लीव और मेट्रो कंसेशन पास जैसे मुद्दों को अपने अभियान में शामिल किया है।
वहीं, AISA-SFI की संयुक्त उम्मीदवार अनन्या ने महिला सुरक्षा, चुनाव में धनबल और बाहुबल तथा कॉलेजों में शिकायत निवारण व्यवस्था को प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने महिला कॉलेजों को DUSU चुनाव प्रक्रिया में शामिल करने और कॉलेजों में प्रभावी Internal Complaints Committee (ICC) की मांग रखी।
52 कॉलेजों और फैकल्टी में मतदान
दिल्ली यूनिवर्सिटी में कुल 91 कॉलेज और संस्थान हैं, लेकिन DUSU चुनाव में सभी संस्थानों के विद्यार्थी सीधे मतदान नहीं करते। इस चुनाव में 52 कॉलेज और फैकल्टी मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेते हैं। कुछ प्रमुख कॉलेज DUSU की प्रत्यक्ष चुनाव प्रक्रिया से बाहर हैं।
इस बार छात्रों की बातचीत से यह संकेत मिलता है कि चुनावी प्रचार के साथ-साथ रहने की सुविधा, सुरक्षा और कैंपस में बेहतर शैक्षणिक माहौल जैसे रोजमर्रा के मुद्दे भी चुनावी चर्चा के केंद्र में हैं।
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