राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में बढ़ रही गर्मी और लू चलने का असर बिजली की खपत पर भी पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को पहली बार अप्रैल में बिजली की मांग 65 सौ मेगावाट के पार पहुंची थी। इससे पहले 29 अप्रैल, 2022 को पहली बार 6197 मेगावाट तक मांग पहुंची थी।

बृहस्पतिवार को यह रिकॉर्ड टूट गया। उसके बाद से लगातार बिजली की अधिकतम मांग 65 सौ मेगावाट से ऊपर बनी हुई है। रविवार रात 11.24 बजे यह बढ़कर 6650 मेगावाट तक पहुचं गई। सोमवार को इसमें और वृद्धि होने की संभावना है।

पहले कब बढ़ी थी बिजली की इ मांग?

बिजली वितरण कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के कारण एयर कंडीशनर, कूलर आदि का उपयोग बढ़ जाता है। इससे बिजली की मांग बढ़ती है। इससे पहले सिर्फ वर्ष 2022 और वर्ष 2025 में अप्रैल में मांग छह हजार मेगावाट से ऊपर पहुंची थी। पिछले चार दिनों में बिजली की अधिकतम मांग में अधिक वृद्धि हुई है।

22 अप्रैल को अधिकतम मांग 6020 मेगावाट थी। अधिकतम मांग के साथ ही न्यूनतम मांग में भी वृद्धि हो रही है। बृहस्पतिवार सुबह न्यूनतम मांग 4124 मेगावाट थी। सोमवार को यह बढ़कर 4612 मेगावाट हो गई। मौसम यदि इसी तरह बना रहा तो अधिकतम मांग सात हजार मेगावाट के ऊपर पहुंच सकती है। इसे ध्यान में रखकर बिजली वितरण कंपनियां तैयारी कर रही हैं।

इस माह बिजली की अधिकतम मांग

  • 26 अप्रैल- 6650 मेगावाट
  • 25 अप्रैल- 6517 मेगावाट
  • 24 अप्रैल- 6578 मेगावाट
  • 23 अप्रैल- 6323 मेगावाट
  • 22 अप्रैल- 6020 मेगावाट

पूर्व के वर्षों में अप्रैल में बिजली की अधिकतम मांग

वर्षबिजली की अधिकतम मांग (MW)
28.04.20256014
26.04.20245447
18.04.20235422
29.04.20226197
16.04.20214372
30.04.20203362
23.04.20195664
27.04.20185200
21.04.20175685
19.04.20164797