हापुड़ के पिलखुवा में सोमवार सुबह एक कपड़ा फैक्ट्री और झुग्गी बस्ती में भीषण आग लग गई, जिससे लगभग 70 झुग्गियां और पास के गोदाम जलकर खाक हो गए।
HighLights
- पिलखुवा में कपड़ा फैक्ट्री और 70 झुग्गियों में आग लगी।
- लाखों रुपये का सामान जलकर खाक, कोई जनहानि नहीं।
- आठ दमकल गाड़ियों ने आग बुझाई, जांच जारी।
केशव त्यागी, हापुड़। थाना पिलखुवा क्षेत्र में सोमवार सुबह मोदीनगर रोड स्थित एक कपड़ा फैक्ट्री के पास बनी झुग्गी बस्ती में भीषण आग लगने से इलाके में अफरा तफरी मच गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 70 झुग्गियों को अपनी चपेट में लेते हुए आसपास के गोदामों और फैक्ट्रियों तक फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह करीब नौ बजे झुग्गियों से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके बाद देखते ही देखते आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। झुग्गियों में रखी प्लास्टिक, पालिथीन, लकड़ी और कबाड़ जैसे ज्वलनशील पदार्थों ने आग को और भड़काया, जिससे आग तेजी से फैलती चली गई।

आग की लपटें पास स्थित गायत्री लाजिस्टिक ट्रांसपोर्ट, यूनाइटेड ट्रांसपोर्ट और एक जींस सिलाई फैक्ट्री तक पहुंच गईं। गोदामों में रखा भारी मात्रा में कपड़ा जलकर राख हो गया।

जानकारी के अनुसार एक गोदाम में करीब 800 गांठ और दूसरे में लगभग 250 गांठ माल रखा था, जो पूरी तरह नष्ट हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग मौके पर पहुंच गया। करीब आठ दमकल गाड़ियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
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आग बुझाने के दौरान पूरे इलाके में धुएं का गुबार छाया रहा, जिससे आसपास के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से झुग्गियों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि आग में झुग्गियों में रखा घरेलू सामान, कपड़े, नकदी और जरूरी दस्तावेज जलकर खाक हो गए, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने भारी संकट खड़ा हो गया है।

मौके पर पहुंचीं क्षेत्राधिकारी अनीता चौहान ने राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं, मामले की जांच की जा रही है।

प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक इस अग्निकांड में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि वास्तविक क्षति का आंकलन किया जा रहा है। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

आग के कारणों की जांच जारी, पीड़ितों के पुनर्वास की चुनौती
घटना के बाद प्रशासन के सामने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की चुनौती खड़ी हो गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ितों को आर्थिक सहायता और रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, दमकल विभाग आग लगने के कारणों की गहन जांच में जुटा हुआ है।
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