डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी की पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावरों ने अफरीदी पर कई राउंड गोलियां चलाईं। अफरीदी लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद का करीबी सहयोगी था।

शेख यूसुफ अफरीदी को लश्कर-ए-तैयबा के खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में सक्रिय ऑपरेशंस का अहम कमांडर माना जाता था। अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित इस आतंकी संगठन में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। जांच एजेंसियां इस घटना को टारगेटेड हत्या के रूप में देख रही हैं।

आतंकवादियों पर हमलों का सिलसिला

यह हत्या पाकिस्तान में हाल के समय में हाई-प्रोफाइल आतंकवादियों पर हुए कई हमलों की कड़ी में आती है। पिछले महीने लाहौर में एक टीवी स्टेशन के बाहर अज्ञात बंदूकधारियों ने लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सदस्य और वांछित आतंकवादी अमीर हमजा पर हमला किया। 67 वर्षीय अमीर हमजा इस हमले में बाल-बाल बच गए।

इससे पहले जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर के बड़े भाई मुहम्मद ताहिर अनवर की पाकिस्तान में रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। अनवर जैश-ए-मोहम्मद के अंदर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे और संगठन के ऑपरेशंस में सक्रिय थे।

पिछले साल मार्च में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष आतंकवादी अबू कताल उर्फ कताल सिंधी की पाकिस्तान के झेलम (पंजाब) में अज्ञात बंदूकधारियों ने हत्या कर दी। वह हाफिज सईद का करीबी सहयोगी था। कताल पर जम्मू-कश्मीर के रियासी हमले (2024) का मास्टरमाइंड होने का आरोप था, जिसमें नौ लोगों की मौत हुई थी और 33 घायल हुए थे।

2023 से जारी हत्याओं का पैटर्न

पाकिस्तान में आतंकवादियों की ऐसी टारगेटेड हत्याओं का सिलसिला 2023 से साफ देखने को मिल रहा है। उस साल सात महीनों में सात आतंकवादियों को मार गिराया गया था।

अकेले 2026 में लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन और अन्य संगठनों से जुड़े कम से कम 30 आतंकवादियों को लाहौर, कराची और अन्य शहरों में अज्ञात बंदूकधारियों ने निशाना बनाया है।