भाकियू ने 26 जून तक दिया अल्टीमेटम
– बैठक को संबोधित करते किसान नेता राजेंद्र सिंह
फतेहपुर। किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को नहर कॉलोनी में आयोजित साप्ताहिक बैठक में किसानों ने खाद की किल्लत, बिजली कटौती, नहरों में पानी की कमी, किसानों पर दर्ज मुकदमों और ड्रेनेज विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गहरी नाराजगी जताई। बैठक की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने की। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि धान की रोपाई का समय होने के बावजूद किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। कई क्षेत्रों में घंटों बिजली कटौती से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जबकि नहरों में पर्याप्त पानी न होने से किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के बजाय उन्हें अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। भाकियू नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराई जाए, सिंचाई सीजन में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा नहरों में पर्याप्त पानी छोड़ा जाए। इसके अलावा किसानों पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमों की निष्पक्ष जांच और ड्रेनेज विभाग द्वारा नालों की सफाई में हुई कथित अनियमितताओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। बैठक में संगठन ने प्रशासन को 26 जून तक का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बड़ी संख्या में किसान धाता थाने का घेराव करेंगे। साथ ही यह भी घोषणा की गई कि मांगें पूरी न होने पर 30 जून को कुश्ती कला रेलवे ट्रैक के पास विशाल किसान पंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें आंदोलन को और तेज करने की रणनीति तय की जाएगी। भाकियू पदाधिकारियों ने कहा कि किसान लगातार समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग समाधान के प्रति गंभीर नहीं हैं। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे और इसका पूरा दायित्व प्रशासन पर होगा। बैठक में संगठन के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

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