प्रयागराज। अखिल भारतीय असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश कोऑर्डिनेटर मिस्बाहुल हक ने कहा कि 8 अगस्त को प्रयागराज में राहुल गांधी का सफल कार्यक्रम लोकतांत्रिक संघर्ष और सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ है। युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों ने जिस उत्साह के साथ कार्यक्रम में भागीदारी की, वह देश में बदलती जनभावना का स्पष्ट संकेत है।
मिस्बाहुल हक ने कहा कि आज प्रदेश और देश का युवा रोजगार, पारदर्शी परीक्षाओं और अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। युवाओं के साथ-साथ उनके माता-पिता और अभिभावक भी भविष्य को लेकर मायूस और परेशान हैं। ऐसे समय में राहुल गांधी का युवाओं के बीच पहुंचना, उनके साथ खड़ा होना और उनकी समस्याओं एवं आवाज को मजबूती से उठाना उनमें विश्वास पैदा करने वाला संदेश है।
उन्होंने भाजपा की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों को जिस तरह निम्न स्तर तक ले जाया जा रहा है, वह लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। संसद से सड़क तक जनता की आवाज दबाने की कोशिशें लोकतंत्र को कमजोर करती हैं। समाज में नफरत फैलाने और लोगों को बांटने के बजाय रोजगार, शिक्षा, न्याय और जवाबदेही जैसे बुनियादी मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।
मिस्बाहुल हक ने कहा, “छल-कपट और घोटालों से न्याय नहीं मिलता। न्याय पारदर्शिता, जवाबदेही और संविधान के रास्ते से मिलता है। बोल में नफरत का जहर नहीं, नसीहत और संस्कार की मिठास होनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि प्रयागराज में बिहार सहित विभिन्न प्रदेशों से पहुंचे युवाओं और नागरिकों की भागीदारी ने यह संदेश दिया है कि जनता रोजगार, शिक्षा, सामाजिक न्याय और सद्भाव से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देना चाहती है।
मिस्बाहुल हक ने कहा कि प्रयागराज का यह आयोजन आने वाले समय में युवाओं, छात्रों, कामगारों और वंचित वर्गों की लोकतांत्रिक आवाज को नई दिशा देने वाला साबित होगा। युवाओं की समस्याओं को राजनीतिक और सामाजिक विमर्श के केंद्र में लाने की यह मुहिम आगे भी मजबूती से जारी रहेगी।

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