फतेहपुर। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट कोर्ट के न्यायाधीश सुभाष चन्द्र मौर्य ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर गैंगस्टर एक्ट के आरोपी राजू तिवारी उर्फ बालकृष्ण, निवासी ग्राम मरिहा, थाना असोथर, जनपद फतेहपुर को दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के कारावास तथा 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश पारित किया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार राजू तिवारी उर्फ बालकृष्ण के विरुद्ध दर्ज मुकदमे में अंतिम सुनवाई के बाद न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों एवं दोनों पक्षों की बहस के आधार पर यह फैसला सुनाया।
बताया गया कि 10 सितंबर 2007 को थाना असोथर क्षेत्र के ग्राम मरिहा में हुई एक घटना में असलहों से फायरिंग की गई थी। घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस संबंध में थाना असोथर में मुकदमा अपराध संख्या 126/2007, धारा 302, 307, 452, 504, 506 आईपीसी एवं 3(2)(5) एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
अभियोजन के मुताबिक गैंग में राजू तिवारी उर्फ बालकृष्ण के अलावा मेवा लाल, बच्चू केवट और रामकृपाल उर्फ कल्लू भी शामिल थे। इनमें मेवा लाल की मृत्यु हो चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों से संबंधित मामलों का पूर्व में निस्तारण किया जा चुका है।
अभियोजन पक्ष का कहना था कि गैंग के सदस्यों के विरुद्ध जनपद के अन्य थानों में भी हत्या के प्रयास, गुंडा एक्ट एवं आयुध अधिनियम से संबंधित मुकदमे दर्ज थे। उनकी आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अमरजीत भारती एवं आलोक तिवारी ने न्यायालय के समक्ष तर्क प्रस्तुत किए। अभियोजन और बचाव पक्ष की अंतिम बहस सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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