*संवाददाता*
*सैयद समीर हुसैन*
मुंब्रा–दिवा: मुंब्रा से दिवा के बीच खरडी रोड पर स्थित एक भूमि को लेकर नया विवाद सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस जमीन पर मौजूद एक पुराने कुएं को बंद कर वहां भवन निर्माण किए जाने की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि प्रस्तावित निर्माण के लिए उसी परिसर में सेल्स ऑफिस बनाए जाने का काम भी शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि यदि उक्त स्थान पर वास्तव में पुराना कुआं मौजूद है, तो उसे बंद करने अथवा पाटने की अनुमति किस आधार पर दी गई? साथ ही, निर्माण कार्य के लिए संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति और अभिलेखों में उक्त कुएं की स्थिति क्या दर्ज है, यह भी जांच का विषय है।
कुआं कहां गया? स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवाल
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के दावों के अनुसार, जिस स्थान पर पहले कुआं दिखाई देता था, वहां अब निर्माण गतिविधियां शुरू होने की बात कही जा रही है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या पुराने कुएं को भरकर या ढककर निर्माण की तैयारी की जा रही है। स्थानीय नागरिकों का यह भी सवाल है कि यदि किसी सार्वजनिक अथवा निजी भूमि पर कुआं, बावड़ी, नाला या अन्य जलस्रोत मौजूद हो, तो उसे बंद करने के बाद क्या उसी स्थान पर भवन निर्माण किया जा सकता है? इस संबंध में ठाणे महानगरपालिका (TMC) के संबंधित विभागों से नियमों और अनुमति की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
दिवा प्रभाग समिति की भूमिका पर भी सवाल इस मामले में दिवा प्रभाग समिति के संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों की ओर से इस मामले में क्या कार्रवाई की गई है या निर्माण के लिए कौन-कौन सी अनुमतियां जारी की गई हैं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी आवश्यक है। मामले में यह भी स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि संबंधित जमीन का रिकॉर्ड क्या कहता है, वहां कुएं का कोई पुराना सरकारी/महानगरपालिका रिकॉर्ड उपलब्ध है या नहीं और वर्तमान निर्माण के लिए बिल्डिंग परमिशन अथवा अन्य वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त की गई हैं या नहीं। अगले अंक में सामने आएंगे दस्तावेज और जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी
सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर इस मामले में पुराने कुएं को बंद कर निर्माण किए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और महानगरपालिका के रिकॉर्ड से होना बाकी है। इस पूरे मामले में जमीन के दस्तावेज, कुएं की स्थिति, निर्माण की अनुमति और संबंधित अधिकारियों की भूमिका से जुड़ी विस्तृत जानकारी अगले अंक में दस्तावेजों एवं उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर प्रकाशित की जाएगी।
सवाल अब भी वही है—अगर यहां कुआं था, तो वह कहां गया? और यदि निर्माण हो रहा है, तो उसकी अनुमति किस आधार पर दी गई?।
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