Breaking News

बांग्लादेश में पूर्व सांसद शाकिब अल हसन का घर बना निशाना, पेट्रोल बम फेंकने और तोड़फोड़ का आरोप

ढाका। बांग्लादेश के पूर्व क्रिकेटर और पूर्व सांसद शाकिब अल हसन के मगुरा स्थित पैतृक घर पर बुधवार रात उपद्रवियों ने हमला कर दिया। घटना उस समय हुई जब शाकिब कुछ घंटे पहले ही पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल हुए थे। पुलिस के अनुसार रात करीब 8:45 से 9:00 बजे के बीच हमलावरों ने घर पर पत्थरबाजी की, खिड़कियों के शीशे तोड़े और आग लगाने का प्रयास किया।

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक, हमलावर कथित तौर पर कोल्ड ड्रिंक की बोतलों में पेट्रोल या ज्वलनशील पदार्थ भरकर लाए थे। उन्होंने घर के मुख्य गेट और परिसर में आग लगाने की कोशिश की। हालांकि घटना के समय घर खाली था, इसलिए किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

शाकिब अल हसन इस समय श्रीलंका में हैं। उनका यह पैतृक घर पहले भी अगस्त 2024 में हिंसक घटनाओं के दौरान उपद्रवियों के निशाने पर आ चुका है। उस समय भी घर में तोड़फोड़ और नुकसान पहुंचाया गया था।

बताया जा रहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने लगभग दो वर्ष बाद बुधवार शाम समर्थकों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इस कार्यक्रम में शाकिब अल हसन समेत अवामी लीग से जुड़े कई प्रमुख नेता शामिल हुए थे। इसके कुछ ही घंटों बाद उनके घर पर हमला होने से इस घटना को राजनीतिक तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

शाकिब अल हसन अवामी लीग के टिकट पर मगुरा-1 सीट से सांसद रह चुके हैं। सांसद बनने के बाद भी उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना जारी रखा था। वर्ष 2024 में बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल और छात्र आंदोलन के दौरान उनकी भूमिका को लेकर विवाद हुआ था। सरकार बदलने के बाद उनके खिलाफ हत्या समेत कई आपराधिक मामलों में केस दर्ज किए गए थे। फिलहाल पुलिस हमले में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई में जुटी हुई है।

About NW-Editor

Check Also

“SIR विवाद के बीच पहचान पर उठे सवाल: ससुर का नाम देकर वोटर ID बनवाने की बात बांग्लादेशी ने कबूली”

चुनाव आयोग की घोषणा के बाद दूसरे चरण के एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है. इसमें 9 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है. इसी एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान पश्चिम बंगाल में एक बांग्लादेशी शख्स ने माना है कि उसने इंडियन वोटर ID बनवाने के लिए अपने पिता के नाम की जगह अपनी पत्नी के पिता का नाम इस्तेमाल किया. इससे वोटर रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बीच चिंता बढ़ गई है.इस शख्स का नाम मोहम्मद खलील मोल्ला है. ये 35 साल पहले भारत आया था. मोहम्मद खलील मोल्ला ने कहा कि मुझे 2023 में अपना वोटर कार्ड मिला. मैं इंडियन नहीं हूं, मैं बांग्लादेश से आया हूं. मैंने कार्ड बनवाने के लिए अपने पिता के नाम वाले सेक्शन में अपने ससुर का नाम इस्तेमाल किया. खलील ने बताया कि शुरू में, वह तोपसिया में रहे, फिर हावड़ा, अमता में और आखिर में उलुबेरिया के श्रीरामपुर में बस गए. इसी तरह एक और मामले में, लोकल लोगों ने आरोप लगाया है कि एक और शख्स ने वोटर आईडी कार्ड बनवाने के लिए अपने पिता के नाम की जगह अपने ससुर के नाम का इस्तेलामल किया. इस शख्स का नाम शेख रेजाउल मंडल है. एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान पत्नी के पिता का नाम इकबाल मंडल और शख्स के पिता का नाम इकलास मंडल लिखा हुआ पाया गया. जवाब में, शख्स की पत्नी ने कहा कि हम क्या कर सकते हैं, मुझे नहीं पता कि मेरे पिता और मेरे पति के पिता वोटर कार्ड में एक ही हैं या नहीं. इस मामले के सामने आने के बाद से राजापुर पुलिस स्टेशन के तहत श्रीरामपुर इलाके में काफी मुश्किलें बढ़ गईं. यह SIR को लेकर चिंता के बीच हुआ है क्योंकि कई लोग इस बात को लेकर परेशान हैं कि क्या उनके नाम वोटर रोल में रहेंगे, क्या उनके मौजूदा डॉक्यूमेंट्स वैलिड होंगे और क्या सिटिज़नशिप अमेंडमेंट एक्ट (CAA) के तहत अप्लाई करने से उनके वोटिंग राइट्स सुरक्षित रहेंगे. इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रोसेस अभी पश्चिम बंगाल में वोटर रोल को रिव्यू करने के लिए चल रहा है. 24 जून को शुरू किया गया स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन, एलिजिबल नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने और जो इनएलिजिबल हैं उनके नाम हटाने को लेकर किया जा रहा है.  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *